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सुविधाएं दे दी, इलाज कौन करेगा

Sat, 30 Mar 2013 05:31 AM IST
Baghpat
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बागपत। जिला अस्पताल बागपत के लिए सफेद हाथी बनकर रह गया है। बागपत जनपद के लोगों की टीस इस बात से और बढ़ गई है कि सब सुविधाएं होते हुए भी यहां इलाज नहीं मिलता। उपचार के लिए उन्हें दिल्ली, मेरठ का मुंह ताकना पड़ रहा है।
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डीएवी पब्लिक स्कूल एके मोहन कहते हैं कि यहां के जनप्रतिनिधि ही इसे शुरू करने में राजनीति कर रहे हैं। उनका पहला काम बागपत के लोगों को अच्छी चिकित्सा दिलाना होना चाहिए। पूरा बागपत जनप्रतिनिधियों की ओर देख रहा है और जनप्रतिनिधि अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं।
डीपीएस प्ले स्कूल की प्रधानाचार्या रोमिता गोयल कहतीं हैं कि बागपत का दुर्भाग्य है कि छोटे बच्चों को भी दिल्ली लेकर भागना पड़ रहा है। शर्म आनी चाहिए बागपत प्रशासन को जो यहां के लोगों के दर्द को महसूस नहीं कर रहा।
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काठा के इंद्रप्रस्थ सीनियर सेकेंडरी स्कूल की चेयरमैन शशि चौधरी का कहना है कि अधिकारियों को यहां के लोगों से कोई सहानुभूति नहीं है। लोग मरे या जीए उनकी बला से।
इंद्रदेव इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट कॉलेज के चेयरमैन गंगा शरण यादव कहना है कि बागपत के अधिकारी उदासीन हैं। वे जब यहां टिकना ही नहीं चाहते तो जिला अस्पताल को शुरू कराने में रुचि ही क्यों दिखाएंगे।
डॉ. कालूराम चौहान कहते हैं कि जिला अस्पताल शुरू करना सरकार के हाथ में है। अपना अधिकार बिना लड़े नहीं मिल सकता। लोगों को सरकार से अपने अधिकार लेने के लिए खड़ा होना पड़ेगा। इस मामले में एक प्रतिनिधि मंडल को लखनऊ जाकर सीएम से मिलना होगा।
सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अजय गोयल का कहना था कि सरकार लापरवाही कर रही है और जनप्रतिनिधि उदासीन हैं। फिर बागपत के लोगों की परवाह कौन करेगा।
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सर्वोदय पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य एमएस हुड्डा का कहना था कि जनप्रतिनिधियों को इसके लिए आवाज उठानी चाहिए, लेकिन उन्हें इसकी चिंता ही नहीं।
सरुरपुर के एससी बोस पब्लिक स्कूल आनंद चौधरी का कहना था कि आमजन को जागरूक होकर अधिकारियों पर दबाव बनाना होगा ताकि यहां चिकित्सकों की नियुक्ति हो सके।
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