दोघट। गांगनौली गांव में शनिवार की सुबह अपने परिवार के साथ खेत पर जा रहे एक किसान को रंजिश के चलते दस लोगों ने घेरकर गोलियों से भून डाला। इस पर गुस्साए परिजनों ने गांव में ही कई घरों में घुसकर हमला बोला और गोलियां चलाईं। जिसमें एक महिला घायल हो गई। सूचना पर कई थानों की पुलिस पहुंची और शव को पीएम के लिए भिजवाया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है।
शनिवार की सुबह साढ़े छह बजे संजीव उर्फ संजू पुत्र राजेंद्र उम्र 32 वर्ष अपने भाई अनिल, बहन बबली और अंजू के साथ पैदल ही अपने खेत में जा रहा था। जब ये लोग राजीव के नलकूप के पास पहुंचे तो उन्हें हथियारों से लैस लोगों ने घेर लिया। तीन लोगों ने संजीव को पकड़ लिया और उनके अन्य साथियों ने उस पर गोलियां चला दी। जो उसके सिर व छाती में लगी है। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके भाई व बहनों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई और परिजनों को इसकी जानकारी दी। बाद में परिजन उसके शव को घर उठा लाए और गांव में ही इंद्रपाल, राजवीर, बालेंद्र, बुद्धसिंह के घरों पर पहुंचे और वहां अंधाधुंध फायरिंग कर उन पर हमला बोल दिया। फायरिंग से मीनाक्षी पत्नी यशपाल घायल हो गई। सूचना पर दोघट, रमाला, बिनौली, बड़ौत थानों का पुलिस बल पीएसी समेत मौके पर पहुंचा और शव को उठाकर पीएम के लिए ले गए। उनके परिजनों ने उनका पीछा भी किया। इस घटना से गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। मृतक के मामा अशोक मलिक निवासी चांदनहेड़ी ने दस लोगों को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी तहरीर आई है, लेकिन अभी उसकी जांच की जा रही है। फिलहाल गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है।
पुलिस के सामने होती रही फायरिंग
बड़ौत। संजीव की मौत से पूर्व 12 सितंबर को उसके चचेरे भाई प्रवीण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसमें गांव के ही कुख्यात बदमाश अमित, प्रमोद और सद्दाम शामिल थे। इससे पूर्व भी मृतक के घर पर उन्होने अंधाधुंध फायरिंग की थी और फायरिंग के बाद ही यह हत्या का दौर शुरू हुआ। प्रवीण की हत्या के बाद संजीव के घर पर दो सशस्त्र पुलिस कर्मियों की पीकेट भी तैनात की गई थी। शनिवार को जिस समय संजीव की हत्या की सूचना मिली तो उनके घर तैनात पुलिसकर्मी वहां से भाग आए थे, क्योंकि उन्हें भय था कि कहीं संजीव के परिजन उन पर भी हमला न बोल दें। यह भी गौरतलब बात है कि संजीव की हत्या की सूचना के बाद जब दोघट पुलिस पहुंची तो गांव में अंधाधुंध फायरिंग हो रही थी लेकिन पुलिस कम होने के कारण दोघट पुलिस गांव के बाहर ही खड़ी रही। बाद में जब पीएसी व पुलिस बल पहुंचा तब जाकर पुलिस ने गांव में जाने की हिम्मत जुटाई। एएसपी डा. धर्मवीर सिंह, सीओ खेकड़ा, बागपत भी मौके पर पहुंचे। इस घटना में नामजद दो कुख्यात बदमाश सद्दाम और प्रमोद जो थाने के हिस्ट्रीशीटर भी हैं, पुलिस उन्हे पकड़ पाने में विफल है। एएसपी डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि गांव में फिलहाल पीएसी तैनात करा दी गई है और गांव में पूरे तौर पर नजर रखी जा रही है लेकिन लगता है कि यह खूनी संघर्ष का दौर अब और भी जानें ले सकता है।