बागपत। मवी कलां गांव की आंगनबाड़ी निर्दोष साबित होने के बाद भी डीपीओ उसे बहाल नहीं कर रही हैं, जबकि डीडीओ हुब लाल की जांच में यह साबित हो गया है कि आंगनबाड़ी निर्दोष है। उधर इस मामले में गांव के प्रधान ने विभागीय अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
विगत दिनों जिले की नोडल एवं प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने गांव में चौपाल लगाकर लोगों की शिकायतें सुनीं, इसमें आंगनबाड़ी बबीता शर्मा पर गांव के कुछ लोगों ने पोषाहार वितरण न करने का आरोप लगाया। इसके बाद निलंबन के आदेश दिए। पीड़ित ने खुद पर लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताकर उच्चाधिकारी से जांच करवाने की मांग की, इसके बाद प्रशासन ने डीडीओ हुब लाल से मामले की जांच कराई। उन्होंने गांव में घूमकर लोगों के बयान दर्ज किए। प्रधान से भी इस बारे में जानकारी ली। सभी ने आंगनबाड़ी के पक्ष में ही अपने बयान दिए। नियमित पोषाहार वितरण की बात कही । प्रधान से पूछताछ की तो आंगनबाड़ी को सही बताया और विभागीय अधिकारी पर 1500 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। डीडीओ ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को तत्काल निलंबन को रद कर तैनाती देने के निर्देश दिए, लेकिन आज तक न तो आंगनबाड़ी को बहाल किया और न ही उसकी फाइल की जांच की। आंगनबाड़ी बबीता शर्मा ने डीएम से इसकी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
डीपीओ वीना बजाज ने कहा कि अभी फाइल नहीं देखी है। फाइल को देखने के बाद उसे बहाल कर दिया जाएगा। इस संबंध में डीडीओ हुब लाल ने बताया कि केवल उन्हें जांच अधिकारी नामित किया गया था। अपनी जांच कर रिपोर्ट सीडीओ को दे दी है। अब कार्रवाई सीडीओ और डीएम स्तर से होगी।