चांदीनगर (बागपत)। लहचौड़ा गांव में श्मशान की भूमि पर अवैध कब्जों के चलते ग्रामीण खेतों में शवों का अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से श्मशान की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 1962 में हुई चकबंदी के दौरान श्मशान घाट के लिए भूमि छोड़ी गई थी। गांव के कुछ लोगों ने श्मशान की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। शवों का अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है। ग्रामीण खेतों में शव का अंतिम संस्कार करते हैं। जिन ग्रामीणों के पास जमीन नहीं है, वे नाले के किनारे शवों का अंतिम संस्कार करते हैं। बरसात में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि श्मशान की भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराया तो आंदोलन करेंगे। भाकियू के जिला सचिव शिव दत्त शर्मा, मांगेराम कटारिया, संजय प्रधान, राधेश्याम, रामे यादव, अजब सिंह, अभिजीत, नरेश आदि शामिल रहे।