बागपत। खाद्यान्न के खाली बोरों को बेचकर प्राप्त धनराशि को प्राथमिक विद्यालयों के कार्यक्रमों में खर्च किया जाएगा। इसके लिए मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से निर्देश कर दिया है।
जिले में 674 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। सभी में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था है। विपणन कार्यालयों से प्रत्येक तीन माह में सैकड़ों की संख्या में राशन के 25-25 किलो के बोरे परिषदीय विद्यालयों में कोटेदारों के माध्यम से पहुंचाए जाते हैं। अब शासन ने इन बोरों का स्टॉक कर इनकी बिक्री से प्राप्त धनराशि को स्कूल के कार्यक्रमों में खर्च करने के लिए शासनादेश जारी किया है। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की प्रभारी निदेशक मुमताज अहमद ने प्रदेश के सभी बीएसए को इसके लिए आदेशित किया है। उधर बीएसए राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि शासन से प्राप्त हुए आदेश के अनुसार सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
इस तरह खर्च होगी बोरों से प्राप्त धनराशि
बागपत। मिड-डे-मील विभाग के जिला समन्वयक फरजान ने बताया कि धनराशि के उपायोग के संबंध में विद्यालय प्रबंधक समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा। तेल, मसाले, खाद्यान्न के रख-रखाव हेतु आवश्यकतानुसार कंटेनर क्रय कर लिया जाएगा, जिससे सामान खुले में न रखा जाए। छात्र-छात्राओं को अतिरक्त पोषक तत्व उपलब्ध कराना, मध्याह्न भोजन के मेन्यू एवं वॉल पेंटिंग कराने, किचन गार्डेन हेतु आवश्यक सामग्री पर व्यय, स्वच्छता संबंधित सामग्री के क्रय हेतु धनराशि को उपयोग में लिया जाएगा।
तीन माह में 4800 क्विंटल जाता है गेहूं-चावल
बागपत। जिला विपणन अधिकारी कौशल देव ने बताया कि जिले के 674 परिषदीय विद्यालयों को 4800 क्विंटल गेहूं और चावल उपलब्ध कराया जाता है। प्रत्येक तीन माह में राशन दिया जाता है। विपणन केंद्रों से कोटेदारों को स्कूल के लिए गेहूं और चावल सप्लाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है।