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1857 की क्रांति में शहीद हुए कांतिकारियों को स्कूली बच्चों ने श्रद्वाजंलि दी

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बड़ौत (बागपत)।
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नगर के स्कूल और कॉलेजों मेें बृहस्पतिवार को 1857 की क्रांति के शहीदों को स्कूली बच्चों ने देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि दी।
बृहस्पतिवार को जेपी पब्लिक स्कूल में शहीद दिवस पर कार्यक्रम का शुभारंभ डायरेक्टर गौरव शर्मा, शरण शर्मा और अभिषेक शर्मा ने शहीदों के चित्र पर दीप जलाकर किया। गौरव शर्मा ने कहा कि आज हम स्वतंत्र भारत मेें खुलकर सांस ले रहे हैं, इसका पूरा श्रेय वीर क्रांतिकारियों को है। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसमें तृष्टि, साक्षी, पूजा, तनु, शिवी, उर्वशी, जैस्मिन, आंचल, भूमिका, नैंसी का योगदान रहा।
श्रीराम शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज मेें शहीदों श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में कॉलेज के डायरेक्टर उपेंद्र चौधरी ने कहा कि 10 मई 1857 को अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति की नींव मेरठ में रखी गई थी। क्रांतिकारियों ने अपने जीवन का बलिदान देकर देश को आजादी दिलाई, लेकिन आज क्रांतिकारियों के बलिदान को भुलाया जा चुका है, इस कारण देश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। बच्चों ने मेरा रंग दे बसंती, मां तुझे सलाम, वंदे मातरम आदि देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन रणपाल ने किया। इसमें स्कूल के प्रबंधक विक्रम आर्य, प्रधानाचार्य राजीव तोमर, योगेश राणा शामिल रहे।
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वनस्थली पब्लिक स्कूल मेें आयोजित कार्यक्रम में प्रबंध समिति के आशीष जैन, हर्षित जैन, संजय जैन व रोहित जैन ने शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण किया। बच्चों ने मेरा रंग दे बसंती चोला, ए वेतन तेरे लिए सहित अनेकों देशभक्ति गीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मेधावियों को प्रबंध समिति के आशीष जैन व हर्षित जैन ने ट्राफी देकर सम्मानित किया। संचालन प्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने किया।
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उधर, कुमकुम मोदी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य अजय शर्मा ने किया। प्रधानाचार्य अजय शर्मा ने बताया कि चर्बी लगे कारतूस का इस्तेमाल न करने के कारण 85 भारतीय सैनिकों को कठोर कारावास की सजा सुनाई , जिस कारण पहली बार 10 मई 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन की शुरूआत की।
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