बागपत। घिटौरा गांव में शौचालयों की जांच करने उतरी टीम को कदम दर कदम पर अनियमितता मिलती है। ऐसे लोगों के शौचालय बनाए गए जो गांव में रहते ही नहीं है। मानक के अनुसार भी निर्माण नहीं मिला। लाभार्थियों के खाते में चार से छह हजार की धनराशि ट्रांसफर हो गई, लेकिन निर्माण अधूरा मिला। टीम ने अपनी रिपोर्ट प्रभारी सीडीओ हुब लाल को सौंप दी।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख देवेंद्र गुर्जर ने प्रभारी सीडीओ हुब लाल को घिटौरा गांव में शौचालय निर्माण में अनियमितता की शिकायत की। बृहस्पतिवार को छह ब्लॉक के बीडीओ पांच-पांच कर्मचारियों के साथ लेकर घिटौरा गांव पहुंचे। वहां पर उन्होंने शौचालयों की जांच पड़ताल करनी शुरू की तो लोगों में हड़कंप मच गया। एक बीडीओ ने पांच-पांच कर्मचारियों के साथ 25-25 शौचालयों की जांच की। कदम-कदम पर जांच टीम को खामियां मिली। ऐसे लोगों के घरों में शौचालय बनाए गए जो गांवों में ही नहीं रहते हैं। मानक के अनुसार भी निर्माण नहीं कराया। धनराशि जारी हो चुकी है, लेकिन पूरा कार्य नहीं मिला। 150 शौचालयों की जांच की गई , इसमें काफी संख्या में निर्माण अधूरा पाया गया है। टीम ने प्रभारी सीडीओ हुब लाल को रिपोर्ट दी। सीडीओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार ही कार्रवाई होगी। अपात्रों को योजना का लाभ दिया है। दोषियों से धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी। काफी संख्या में कमी मिली है। गौरतलब है कि गांव में 235 शौचालय स्वीकृत हैं। इसमें 150 का निर्माण किया और 175 शौचालयों के 21 लाख रुपये लौटा दिए थे। तत्कालीन सीडीओ चांदनी सिंह को भी खामियां मिली थी।