आर्य समाज निरपुड़ा में 72वें वार्षिकोत्सव पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसमें प्रात: यज्ञ का आयोजन किया । यज्ञ में स्वामी सत्यवेश ने कहा यज्ञ सर्वोपरि कर्म है। यज्ञ के बिना संसार का भला होने वाला नहीं है। मनुष्य को प्रत्येक दिन यज्ञ करना चाहिए। पूर्व प्रधानाचार्य भोपाल सिंह ने कहा कि वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक है। वेद का पढना-पढ़ाना और सुनना-सुनाना सभी का परम धर्म है। वेदपाठ कपिल आर्य व राजवीर आर्य ने किया। अशोक प्रबोध व अंजली आर्या ने भजन प्रस्तुत किए। यज्ञमान अरविंद कुमार रहे। इसमें पंडित प्रेम चंद प्रधान, वीरेंद्र राणा मंत्री, मास्टर जयपाल सिंह कोषाध्यक्ष, मास्टर ब्रजपाल सिंह उपप्रधान, मास्टर राम कुमार ने कार्यक्रम की व्यवस्था कराई। इसमें हरपाल आर्य, ब्रहमपाल सिंह, प्रमोद, जल सिंह आदि उपस्थित रहे।
हिंदू नव वर्ष पर यज्ञ किया
दोघट (बागपत)। कस्बा टीकरी में स्थित पक्की चौपाल में नव संवत्सर पर सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया। इसमें रवि किरण आर्य ने यज्ञ कराया। इसमें सुशील राठी, साहब सिंह, अरुण, प्रभात, मास्टर विजय सिंह राठी, महेंद्र सिंह राठी, अनुज राठी, सत्यवीर सिंह आदि रहे। वहीं भड़ल गांव में प्रहलाद सिंह के आवास पर यज्ञ हुआ। मास्टर देवेंद्र आर्य ने यज्ञ किया। इसमें मास्टर सुखवीर सिंह, मास्टर यशपाल सिंह, प्रेमपाल, देवेंद्र राणा, वीरेंद्र राणा, यशपाल राणा, पाले राम आदि रहे।