बागपत। मौसम का बदलता मिजाज गेहूं की फसल के लिए खतरा है। कभी मौसम में गरमाहट आती है तो कभी ठंड घुलती है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गेहूं की पैदावार के लिए ठंडा मौसम होना जरूरी है। बारिश से गेहूं का लाभ होगा। मौसम में अधिक गर्मी से गेहूं को नुकसान की संभावना है, इससे पैदावार पर असर पड़ेगा।
किसानों के लिए मौसम चिंता का विषय बना हुआ है। कभी सर्द हवाएं चलती है तो कभी तापमान गरम हो जाता है। असल में तापमान जितना न्यूनतम रहेगा, गेहूं की फसल को उतना ही फायदा होगा और पैदावार भी बेहतर होगी। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के कृषि वैज्ञानिक डॉ गजेंद्र सिंह कहते हैं कि मौसम का बदलता मिजाज रबी की फसलों के लिए ठीक नहीं है। गेहूं के लिए तापमान का न्यूनतम रहना अभी जरूरी है। इससे गेहूं की बेहतर पैदावार होगी। फसल बढ़ना शुरू होगी तो फिर गरम मौसम से खतरा नहीं है।
क्या कहते हैं किसान
बागपत। छपरौली निवासी किसान संजय सिंह हलालपुर गांव निवासी कृष्णपाल सिंह, दाहा निवासी विकास कुमार का कहना है कि किसान पर मौसम की मार ही नहीं बल्कि आवारा पशु भी परेशान कर रहे हैं। गेहूं और जई के खेतों में आवारा गोवंश घूमते हुए देखे जा सकते हैं, जिस वजह से इस बार गेहूं की फसल को खतरा है।