बागपत। कैराना उपचुनाव में फतह के बाद रालोद ने भाईचारा सम्मेलनों का आयोजन तेज कर दिया है। मुजफ्फरनगर दंगे के बाद से बिखरे सामाजिक समीकरणों से सबसे ज्यादा नुकसान भी रालोद को ही उठाना पड़ा था। लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों में वेस्ट यूपी के जिलों में रालोद भाईचारा सम्मेलन के नाम पर आयोजन कर रहा है। जिनमें मुस्लिमों की भागीदारी बढ़ाने की कवायद की जा रही है। रालोद नेताओं ने साफ संदेश दिया कि अगर भाईचारा बढ़ेगा तभी रालोद की जीत का रास्ता साफ होगा सकेगा। भाजपा पर तंज कसा गया। यह भी आरोप लगाया गया कि चुनावी लाभ के लिए भाजपा लोगों को लड़ाने का काम करती है।
अलवर हिंसा सरकार की नाकामी
बागपत। रालोद अध्यक्ष अजित सिंह ने कार्यकर्ताओं के बीच कहा कि अलवर सिंह सरकार की नाकामी का नतीजा है। भाजपा लोगों को बांटने का काम करती है।
जो मिलने पहुंचा, उसे गिनाई भाजपा की खामियां
बागपत। जन संवाद कार्यक्रम में जितने भी प्रतिनिधिमंडल पहुंचे सबको चौधरी अजित सिंह ने भाजपा की खामियों के विषय में बताया। कहा कि सरकार पूरी तरह आमजन विरोधी है।