बागपत। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने जन संवाद कार्यक्रम में समर्थकों और रालोद कार्यकर्ताओं से गांव दर गांव भाईचारा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाईचारे से रालोद मजबूत होगा और भाजपा कमजोर होगी, क्योंकि भाजपा लोगों को लड़ाने का काम करती है। झूठ बोलती है।
मंगलवार को चौधरी अजित सिंह बागपत जिले के लोगों से जन संवाद कार्यक्रम के तहत रूबरू हुए। अलग-अलग बिरादरी के प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने राजपूत, ब्राह्मण, अल्पसंख्यक, त्यागी, यादव, दलित, गुर्जर, प्रजापति समाज के प्रतिनिधियों की राय जानी। भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला और गलत नीतियों के विषय में भी बताया गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि भाईचारा बनाने से रालोद मजबूत होगा और भाजपा कमजोर होगी। यही वजह है कि पार्टी जगह-जगह भाईचारे पर काम कर रही है। लोकसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ता और जिम्मेदार पदाधिकारी गांव दर गांव जाएं और लोगों को पार्टी की नीतियों और भाजपा के झूठे वायदों के विषय में जानकारी दें।
इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री नवाब कोकब हमीद, युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसीम राजा, जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना, चेयरमैन डॉ. मांगेराम यादव, पूर्व मंत्री डॉ. मैराजूद्दीन, अहमद हमीद, पूर्व विधायक डॉ अजय कुमार, युवा जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर, मनोज चौधरी, सचिन राणा, सतेंद्र प्रमुख, प्रधानाचार्य ओमबीर तोमर, कंवर पाल हुड्डा, ओमबीर ढाका, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना, डॉ. सुरेश चंद कौशिक, सुभाष नैन, सुबोध राणा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बढ़े बिजली के बिल और गन्ना भुगतान से छाया मुद्दा
बागपत। चौधरी अजित सिंह ने जन संवाद कार्यक्रम के दौरान गांवों से आए प्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सबसे ज्यादा बढ़े बिजली के बिल और गन्ना भुगतान से संबंधित अधिक शिकायत पहुंची।
रालोद नेता ही हो गए नाराज
बागपत। गेस्ट हाउस में हुए जन संवाद कार्यक्रम के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महासचिव जमीरूद्दीन अब्बासी नाराज हो गए। कार्यकर्ताओं पर व्यवस्था के नाम पर अपमानित करने का आरोप लगाया। इसके बाद कार्यक्रम को छोड़कर चौधरी अजित सिंह कक्ष से बाहर आए और उन्होंने मामले को शांत कराया।
अधिवक्ताओं ने रखी हाईकोर्ट बैंच की मांग
बागपत। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल मिला। उन्होंने हाईकोर्ट बैंच की मांग को चौधरी अजित सिंह के समक्ष रखा। इसका उन्होंने समर्थन किया। इस दौरान जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतेंद्र खोखर, नरेंद्र मान, इफ्तिखार हसन, धर्मेंद्र राठी, देवेंद्र आर्य, योगेंद्र शर्मा, लोकेंद्र तोमर, अजीत सिंह, नवीन पंवार, विकास मलिक, सागर तोमर, विक्रांत तोमर मौजूद रहे।
क्या हैं सियासी मायने
बागपत। रालोद अध्यक्ष अजित सिंह ने जन संवाद और पत्रकारों से बातचीत में यह कहा कि जरूरी नहीं कि वह चुनाव ही लड़ें। इसके अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। महा गठबंधन में चुनाव से दूर रहकर उनकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पहले ही कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार बागपत से रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी चुनाव लड़ेंगे। यह भी हो सकता है कि समर्थकों और रालोद कार्यकर्ताओं का मन टटोलने के लिए चौधरी अजित सिंह ने यह बात कही हो।
मुजफ्फरनगर से नहीं बागपत से चुनाव लड़ें
बागपत। रालोद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने चौधरी अजित सिंह से कहा कि वह मुजफ्फरनगर से नहीं बागपत से ही चुनाव लड़ें। लोकसभा क्षेत्र के लोग उनके साथ हैं। इस पर अजित सिंह ने कहा कि यह बस बाद की बातें है, पहले गांव दर गांव भाईचारा बनाना है।
चुनाव बाद में, अभी तो धूल फांक रहा जयंत
बागपत। रालोद अध्यक्ष ने जयंत चौधरी की चुनावी सीट के सवाल पर कहा कि चुनाव की चर्चा बाद में होगी। अभी तक जयंत चौधरी भी गांव दर गांव जाकर धूल फांकने का ही काम कर रहा है। कौन कहां से चुनाव लड़ेगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी।
बागपत से छह बार सांसद रहे हैं अजित सिंह
बागपत। चौधरी अजित सिंह को वर्ष 1987 में राज्यसभा भेजा था। वर्ष 1989 में बागपत से पहली बार सांसद बनें। वर्ष 1991, 1996 में सांसद रहे, लेकिन वर्ष 1998 में भाजपा के सोमपाल शास्त्री से हार गए थे। इसके बाद वर्ष 1999, 2004 और 2009 में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। वर्ष 2014 में वह भाजपा के सत्यपाल सिंह से हार गए।