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गांगनौली के लाल सचिन ने कर दिया कमाल

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बागपत। गांगनौली गांव के पहलवान सचिन राठी ने जूनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर जिले को गौरवान्वित कर दिया। मंगोलिया के पहलवान पर जीत मिलते ही घर पर खुशी मनाई जाने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि सचिन की कामयाबी ने गांव, जिले का ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है।
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दिल्ली में खेली जा रही एशियन चैंपियनशिप में रविवार को गांगनौली गांव के सचिन राठी ने 74 किलोग्राम भार वर्ग में मंगोलिया के पहलवान को हराकर स्वर्ण पदक जीता। गांगनौली गांव के किसान स्वर्गीय सतपाल सिंह के बेटे ने जैसे ही मंगोलिया के पहलवान को पटखनी दी गांव में जश्न मनाया जाने लगा। सचिन के बड़ेे भाई मनोज ने बताया कि करीब आठ साल पहले खुद ही गांव के लड़कों के साथ कुश्ती शुरू की । शौक में शुरू किए गए खेल में सचिन रच बस गया। धीरे-धीरे दंगलों में नाम कमाया। जिले से लेकर राज्य स्तर तक पदक जीते। इसके बाद वह अपने खेल के दम पर आगे बढ़ता चला गया। जूनियर एशियन चैंपियनशिप में चयन होते ही पदक की उम्मीद थी। ग्रामीण संजीव चौधरी, सहदेव सिंह, वीरपाल सिंह ने कहा कि गांव के लिए बेहद खुशी का दिन है।

आज तुर्की होगा रवाना, करेगा अभ्यास
बागपत। विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए भी सचिन का चयन हो चुका है। वर्तमान समय में भारतीय पहलवान तुर्की में अभ्यास कर रहे हैं। पहलवान के भाई ने बताया कि सचिन भी अभ्यास के लिए सोमवार को रवाना होगा।
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नेवी में नायब सूबेदार है गांगनौली का सचिन
बागपत। गांगनौली गांव का सचिन नेवी में नायब सूबेदार है। खेल कोटे से ही वह भर्ती हुआ । परिजनों का कहना है कि कुश्ती शौक में शुरू की, इसके बाद कुश्ती सचिन के लिए जुनून बन गई। दिल्ली के हनुमान अखाड़े में ही वह कुश्ती का अभ्यास करता है।

दिल्ली में कुश्ती देखने पहुंचे ग्रामीण
बागपत। एशियाई कुश्ती देखने के लिए सचिन का भाई मनोज समेत अन्य ग्रामीण दिल्ली पहुंचे। जीत के बाद पहलवानों ने जश्न मनाया। मनोज ने कहा कि गांव के लिए खुशी का सबसे बड़ा दिन है।
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