बिनौली (बागपत)।
बरनावा के लाक्षाग्रह पर स्थित महानंद संस्कृत महाविद्यालय में चल रहे 60 वें आठ दिवसीय विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को योगाचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कि यज्ञ पर्यावरण सुरक्षा का सशक्त माध्यम है। यज्ञ करने से मनुष्य की आत्मिक उन्नति होती है।
वैदिक विद्वान योगाचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा यज्ञ सबसे बड़ा संगतीकरण है। यज्ञ परस्पर बैर भाव को दूर करता है और प्रेम सौहार्द कायम करता है। वर्तमान समय में प्रकृति के साथ छेड़छाड़ के चलते पर्यावरण संतुलन दिनों दिन बढ़ रहा। तथा सामाजिक बुराई भी बढ़ रही है। यज्ञ के द्वारा दी जाने वाली आहुति की सुगंधि से पर्यावरण सुरक्षित होता है। साथ ही वेद मंत्रोच्चारण से आत्मिक शुद्धि भी होती है। आचार्य गुरुवचन शास्त्री ने कहा की वेद परमात्मा की वाणी है। वेद मार्ग पर चलकर ही मानव कल्याण हो सकता है। प्रधानाचार्य आचार्य विनोद कुमार शास्त्री, जयवीर दत्त शास्त्री ने भी वेदोपदेश दिए। आचार्य अंकुर भारद्वाज ने ईश भक्ति से ओतप्रोत भजन प्रस्तुत किए। सोमदत्त भारद्वाज, देवेंद्र शास्त्री, सुनील शास्त्री, गंगाशरण शास्त्री, रोहित, ऋषि ब्रह्मचारी, निखिल व यश कुमार ने अपनी अपनी यज्ञशाला पर सस्वर वेदपाठ किया। इसमें धनपाल बैंसला, यशोधर्मा सोलंकी, महेंद्र सिंह आर्य, जेपी त्यागी, अनिता, साधना सोलंकी, अशोक गुप्ता, मंडल अध्यक्ष सचिन त्यागी, सूरज बैंसला, प्रमोद नारंगपुर, अजय त्यागी आदि ने यज्ञ में आहुति देकर धर्म लाभ उठाया।