बड़ौत (बागपत)।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि वे शून्य बजट से प्राकृतिक खेती हिमाचल प्रदेश में भी लागू करेंगे। इससे लोगों का खानपान और वैचारिकता और आचरण में बदलाव आएगा। इसके लिए वे प्रयासरत हैं।
वे धनौरा सिल्वरनगर इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव में भाग लेने आए और बड़ौत की मधुबन कॉलोनी में पूर्व प्रधानाचार्य रणवीर सिंह चौधरी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि युवाओं को नशा मुक्त कराया जाए और नरेंद्र मोदी के अभियान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को हिमाचल प्रदेश में पूरी तरह लागू कराएं। उन्होंने कहा वर्तमान समय में खेती की लागत बढ़ती जा रही है और किसानों को उचित दाम नहीं मिल रहा है। उन्होंने पद्मश्री सुभाष पालेकर की शून्य बजट प्राकृतिक खेती पर बल दिया, क्योंकि इससे भूमि का उपजाऊ क्षमता बढ़ती है और लाभकारी मूल्य भी मिलता है। उन्होंने बताया 19 से 24 मार्च तक गुरुकुल कुरुक्षेत्र में शून्य लागत प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविर चलेगा। इसके लिए हिमाचल प्रदेश के मंत्री और आईएएस अधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल भी शिविर में जाएगा। हमारा प्रयास है कि लोगों को आचार-विचार शुद्ध हो। ये तभी शुद्ध हो सकते हैं, जब हमारा शुद्ध खानपान होगा। वे राजनीतिक मुद्दों पर प्रश्न किए जाने पर इतना बोले कि यह उनका कार्य क्षेत्र नहीं है। यह राजनीतिक कार्य क्षेत्र है, वे इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे। इस मौके पर प्रधानाचार्य सुशील चौधरी, डॉ. ओमवीर तोमर, सतपाल पथौलिया, रवि शास्त्री, रवि पालीवाल आदि उपस्थित रहे।