बागपत। राज्य कर्मचारी का दर्जा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ियों ने काले कपड़े पहनकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए। सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना कर दिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी को ज्ञापन दिया । उधर, प्रशासन आंगनबाड़ियों के खिलाफ सख्ती के मूड में है।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष सुषमा गुर्जर के नेतृत्व में आंगनबाड़ी और सहायिकाएं कलक्ट्रेट में पहुंची। सोमवार को काले कपड़े पहनकर विरोध जताया । वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, जब तक कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता है, तब तक आंगनबाड़ी को 15 हजार और सहायिका को 9.5 हजार रुपये मानदेय दिया जाए, मार्च से अक्तूबर तक का एरियर भुगतान किया जाए, भुगतान किस माह का किया है इसको अंकित किया जाना चाहिए। इसके अलावा मुख्य सेविकाओं के सभी रिक्त पदों पर शत प्रतिशत आंगनबाड़ी को वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति कर चयन हो, आंगनबाड़ी एवं सहायिकाओं की क्रमश: 200 और 100 रुपये की वार्षिक वृद्धि की जाए, बीमार होने पर अस्पताल में भर्ती के दिनों का पूरा मानदेय दिया जाए, वर्ष में सवेतन 15 दिन का चिकित्सक अवकाश दिया जाए। आंगनबाड़ियों के बीच पहुंची जिला कार्यक्रम अधिकारी नाहिद परवीन को मांगपत्र सौंपा । इसमें मंडल सचिव सुनीता रंगा, रामवती, कृष्णा, सुमन, गीता, राखी, संगीता, राजकुमारी, शायरा, नूरजहां, जाहिरा, कृष्णा, रचना शर्मा, सुनीता, अमरेश मुख्य रूप मौजूद रही।
जिलाध्यक्ष को भेजा नोटिस
बागपत। जिला कार्यक्रम अधिकारी नाहिद परवीन ने जिलाध्यक्ष को पत्र के माध्यम से काम पर लौटने के लिए कहा है। पत्र में लिखा गया है कि बीएलओ का कार्य प्रभावित हो रहा है। निकाय चुनाव की तैयारी चल रही है। आंगनबाड़ियों के धरने से चुनाव आयोग के आदेश का भी उल्लंघन हो रहा है। जिले में धारा 144 लगी हुई है।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी
बागपत। आंगनबाड़ियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपने मांगे पूरी करने की बात कही। उधर, कलक्ट्रेट में धरने के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा। महिला सिपाहियों की तैनाती की।