बागपत। स्वतंत्रता दिवस पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भाईचारे की मिशाल कायम की। शहर में शांति मार्च रैली निकाली। इसमें सभी धर्मों के लोगों ने भाग सिया। इसमें वक्ताओं ने एकजुट रहने का संदेश दिया।
रविवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने हिंदू मुस्लिम भाईचारे को बनाने के लिए शांति मार्च रैली निकाली। इसका शुभारंभ मदरसा अनवारूल कुरान से शुरू हुआ जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मुगलपुरा मोहल्ले में संपन्न हुई। इसके बाद सभा का आयोजन किया, इसमें सभी धर्मों के लोगों ने हिस्सा लिया। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला सचिव हाफिज मोहम्मद कासिम साहब ने कहा हिंदुस्तान की आजादी के लिए हिंदू और मुसलमान ने कुर्बानियां दी है। इसके बाद ही लोगों को खुली हवा में सांस लेने का मौका मिला। सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए हिंदू और मुस्लिम समाज के लोगों को एकजुट रहना होगा। इस मौके पर नवाब अहमद हमीद, चेयरमैन राजुद्दीन एडवोकेट, मनोज वर्मा, शहर काजी हबीबुर्रहमान, डॉ. शालिनी राकेश ने विचार व्यक्त किए। इसमें रमन पंवार, एडवोकेट संजय पंवार, अन्नू जैन, अश्वनी तोमर, डॉ. शकील, इरशाद खान, जाहिद फौजी, डॉ. मुजम्मिल, डॉ. समर, महफूज पहलवान, भूरा खलीफा, हाजी निसार, यासीन कुरैशी, मेहरबान, तन्नी आदि रहे।