रमाला (बागपत)। लंबे समय से परेशानी झेल रहे रमाला चीनी मिल क्षेत्र के किसानों को राहत मिलने जा रही है। सहकारी क्षेत्र की रमाला चीनी मिल की पेराई क्षमता 2750 टीसीडी से बढ़ाकर 5000 टीसीडी किए जाने की तैयारी है। इसके लिए सैद्धांतिक सहमति हो चुकी है। इस पर करीब 311 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
सहकारी क्षेत्र की रमाला शुगर मिल्स लिमिडेट की पेराई क्षमता 2750 टीसीडी है। जिस कारण यहां किसानों को पर्याप्त इंडेंट जारी नहीं हो पाता। आए दिन किसान हंगामा करते हैं। यही नहीं दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम भी रहता है। मिल कई बार बीच में बंद भी रहती है। लंबे समय से मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने की मांग चल रही थी। उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव नरेश बहादुर ने उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड लखनऊ के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर सैद्धांतिक सहमति के विषय में अवगत कराया है। सचिव ने कहा मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और मिल में 25 मेगावाट को जनरेशन प्लांट लगाने की सहमति है और इसके लिए करीब 311 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। लंबे समय से किसान इस मांग को कर रहे हैं। भाजपा नेता सतेंद्र तुगाना ने कहा केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा, सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के प्रयास से ही मिल की पेराई क्षमता बढ़ी है।