- 11 सबसे छोटे गांव और पांच हजार से अधिक आबादी वाले 67 गांवों का हुआ चयन जिले के
- स्वच्छता को बढ़ावा देने और स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ने के लिए दिया जाएगा प्रधानों, सचिवों व सहायकों को प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। स्वच्छ भारत मिशन के फेज-1 में सभी ग्राम पंचायतों में शौचालयों के साथ सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करा दिया गया और अब फेज-2 में ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 78 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवाें को पूरी तरह ठोस व तरह अपशिष्ट मुक्त बनाया जाएगा। वहीं, स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रधान, सचिव व पंचायत सहायकों को मुख्यालय पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
डीपीआरओ अमित कुमार ने बताया कि चयनित 67 गांवों की आबादी पांच हजार से अधिक है। ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन पर 660 रुपये प्रति व्यक्ति और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर 45 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से बजट खर्च किया जाएगा। इसके अलावा 11 सबसे छोटे गांव चयन किए गए है, जहां ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर 280 प्रति व्यक्ति और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर 60 प्रति व्यक्ति के हिसाब से खर्च किया जाएगा। इसमें 30 फीसदी बजट ग्राम पंचायतों से खर्च किया जाएगा। कार्य योजना बनने के बाद अभियान के लिए बजट जारी होगा।
इन गांवों का किया गया चयन
स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 में गांवों को पूरी तरह गंदगी मुक्त करने पर काम किया जाएगा। इसमें बली, धनौरा सिल्वरनगर, फैजपुर निनाना, मीतली, निवाड़ा, पाबला बेगमाबाद, सरूरपुर कलां, सिसाना, बावली, बरवाला, बिजरौल, ढ़िकाना, हिलवाड़ी, जिवाना, जौहड़ी, किशनपुर, कोताना, लुहारी, महावतपुर, मलकपुर, मुकर्रमपुर कंडेरा, जौनमाना, शबगा, शाहपुर बड़ौली, वाजिदपुर, बामनौली, बरनावा, भड़ल, बिजवाड़ा, बिनौली, दाहा, गांगनौली, मौजिजाबाद नांगल, निरपुड़ा, रंडाड़, सिरसली, असारा, ककौरकलां, ककड़ीपुर, किरठल, लूंब, रमाला, रठौड़ा, सूप, टांडा, तुगाना, बसी, फखरपुर, घिटौरा, काठा, मवीकलां, बड़ागांव, सांकरौद, सुन्हैड़ा, अमीपुर बालैनी, बसौद, बिलौचपुरा, उौला, ढिकौली, डौलचा, हिसावदा, खट्टा प्रहलादपुर, पिलाना, सिंघावली अहीर का चयन किया गया है।