बागपत सीएचसी में पहली बार रैपिड किट से युवती के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक
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मीतली गांव की प्रणवी राणा ने कराई पहली जांच, नेगेटिव मिली रिपोर्ट
बागपत। कोरोना वायरस की रैपिड जांच शुरू हो गई है। जिले को 750 किट मिली है। पहले दिन छह जांच कराई गई। पहली जांच मीतली गांव की बेटी प्रणवी राणा की कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव मिली, जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने खुशी जताई।
सीएमओ डॉ आरके टंडन और डिप्टी सीएमओ डॉ यशवीर सिंह ने बताया कि जिले को कोरोना वायरस की जांच करने के लिए 750 रैपिड किट मिली है। इस किट से जिले के हॉट स्पॉट एरिया के लोगों की जांच के अलावा स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की जांच की जाएगा। रविवार को सबसे पहले मीतली गांव की बेटी प्रणवी राणा पुत्री नरेश कुमार राणा की इस किट से जांच की गई। युवती के पिता ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ मेरठ में रहते है। लॉकडाउन शुरू होने से एक दिन पूर्व 23 मार्च को वह अपने गांव मीतली आ गई थी। वह पिछले पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे सीएचसी पर भर्ती कर कोरोना संक्रमण का अंदेशा होने पर जांच कराई। सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत ने अपनी टीम के साथ युवती की जांच की, उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉक्टरों और परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। डॉ विभाष राजपूत ने बताया कि विभाग की ओर से सीएचसी के लिए 750 रैपिड किट उपलब्ध कराई गई है। किट से दो मिनट में ही कोरोना वायरस की जांच हो जाती है। इसके अलावा कोटा से लौटे तीन छात्र और उनके दो परिजनों की जांच भी रैपिड किट से की गई।
इनके लिए हैं रैपिड किट
बागपत। रैपिड किट कोरोना ड्यूटी पर लगे स्वास्थ्य कर्मचारियों, विशेष ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों और इमरजेंसी सेवाओं के लिए हैं।
हॉट स्पॉट में इस तरह होगा प्रयोग
बागपत। जिले में केवल 750 किट मिलने से इनके प्रयोग पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिले के हॉट स्पॉट वाले गांव असारा, औसिक्का, रटौल और अशरफाबाद थल में जांच तब होगी जब सात दिन में किसी में लक्षण मिले हो।