बागपत। हिंडन और कृष्णा नदी क्षेत्र के 555 प्रदूषित हैंडपंपों को उखाड़ने के बाद रिबोर की सूचना विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। डीएम ने डीपीआरओ को जल्द रिबोर हैंडपंपों की सूचना उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर हिंडन और कृष्णा नदी क्षेत्र के गांवों में हैंडपंपों के पानी की जांच कराई। इसमें 55 गांव के 555 हैंडपंप का पानी दूषित मिला। आदेश पर पंचायती राज विभाग और जल निगम ने उन्हें उखड़वाया और कुछ पर लाल निशान लगाकर चेतावनी जारी की। इन गांवों में आज तक पीने के पानी का विभाग द्वारा कोई समुचित साधन नहीं किया। ज्यादा गहराई तक रिबोर कराने के लिए आदेश दिए । इन गांवों के लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकने को आज भी मजबूर होना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर उखाड़े हैंडपंपों में ही जुगाड़ करके पानी की पूर्ति लोग कर रहे हैं। अनुश्रवण समिति मेरठ के सचिव एवं भूतपूर्व जिला सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गोयल ने जिले के 55 गांवों से उखाड़े हैंडपंपों के बाद रिबोर किए हैंडपंपों की सूची डीएम से मांगी। इसके बाद डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने डीपीआरओ आलोक शर्मा को रिबोर सूची उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द कार्रवाई की जाए। ताकि समय से पहले अनुश्रवण समिति के सचिव एवं पूर्व न्यायाधीश को रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। दूसरी तरफ डीपीआरओ आलोक शर्मा ने कहा कि हैंडपंप रिबोर होने का अभी कार्य चल रहा है।