बागपत। हवा की गुणवत्ता में सुधार होता नहीं दिख रहा है। स्मॉग भले ही हट गया हो, लेकिन सुबह और शाम कोहरे की चादर बिछने लगी है। तापमान मेें भी गिरावट है। सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के गुणवत्ता सूचकांक के मुताबिक बागपत का एक्यूआई 365 पर रहा। डॉक्टरों की मानें तो प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों को परेशानी हो सकती है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को जो गुणवत्ता सूचकांक जारी किया है, उसमें बागपत का पीएम 2.5 का औसत एक्यूआई 365 पर रहा। हवा की गुणवत्ता की लिहाज से इस स्थिति को सही नहीं कहा जा सकतऌा। सुबह और शाम के समय जिले की हवा सांस लेने लायक नहीं है। सुबह के समय कोहरा भी पडने लगा है। सोमवार को शाम के समय दिन ढलते ही धुंध की चादर सी बिछ गई। वायु सूचकांक में रोज परिवर्तन होता है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो हवा की रफ्तार कम है। लेकिन अगर हवा की रफ्तार तेज हो गई तो वायु की गुणवत्ता में सुधार हो सकेगा।
सांस के रोगी घर से निकलते हुए बरतें सावधानी
बागपत। पिलाना सीएचसी के अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह का कहना है कि इस तरह के मौसम में सांस के रोगियों को परेशानी हो सकती है। हवा की गुणवत्ता खराब है। ऐसे में यह सुबह और शाम के समय घर से निकलने में सावधानी बरतनी चाहिए। घर से निकलने से परहेज करें या फिर मॉस्क लगाकर ही निकले। सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती है।