सिंचाई विभाग के कार्यालय पर किसानों का हंगामा
बड़ौत। जिवाना माइनर में पानी न छोड़ने से क्षुब्ध कई गांव के किसानों ने शुक्रवार को सिंचाई विभाग कार्यालय कोताना रोड पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों को कार्यालय बंद मिला। किसानों ने कोताना-बड़ौत मार्ग अवरुद्ध करने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह किसानों को शांत किया। किसानों ने डीएम से हस्तक्षेप पर एसडीओ व जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मांग पूरी न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
शुक्रवार को गूंगाखेड़ी गांव के प्रधान संजीव के नेतृत्व में जिवाना, कंडेरा, खेडी और जिवानी गांव के काफी संख्या में किसान सिंचाई विभाग कार्यालय पर पहुंचे और हंगामा किया। किसानों का कहना था कि गत तीन माह से जिवाना माइनर में पानी की एक बूंद तक नहीं है। इस कारण सैकड़ों किसानों की लाखों की फसल सूखकर बर्बाद हो रही है। प्रधान गूंगाखेडी संजीव ने आरोप लगाया कि समस्या को लेकर पिछले तीन दिन से एसडीओ अजय चौधरी और जेई आदेश को फोन से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन किसी ने एक बार भी फोन रिसीव नहीं किया। किसानों ने एसडीओ और जेई सहित बाबू पर कार्यालय से गायब रहने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि सिंचाई विभाग के अफसरों का ध्यान किसानों की समस्याओं पर कम, पूर्वी यमन नहर सहित मीरापुर रजबहे में लगे अवैध कुलाबे से उगाही करने पर ज्यादा है। आक्रोशित किसानों ने जाम लगाने का भी प्रयास किया। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत किया। किसानों ने डीएम से हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग उठायी। मांग पूरी न होने पर डीएम मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी। उधर जेई आदेश का कहना था कि जल्द ही माइनर मेें पानी छोड दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में रघुवीर, संजीव, प्रताप, हरवीर, सुरेश, आजाद, जयवीर, जयपाल, सुरेन्द्र, दिनेश, सुखवीर, इलम सिंह आदि शामिल रहे।