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महर्षि दयानंद की विचारधारा को आत्मसात करें - राणा

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बिनौली (बागपत)।
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गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, जिवाना गुलियान में शनिवार को चौधरी चरण सिंह समाज सुधार मंच के तत्वावधान में महर्षि दयानंद की जयंती के उपलक्ष्य में विचार गोष्ठी की, इसमें वक्ताओं ने दयानंद की विचारधारा को आत्मसात करने पर बल दिया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय उद्यान विभाग दिल्ली के उपनिदेशक डॉ. आईएस राणा ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के कुप्रभाव से सामाजिक तानाबाना प्रतिदिन बिगड़ रहा है, इससे समाज में कई बुराइयां पनप रही हैं। उन्होंने कहा महर्षि दयानंद की वैदिक विचारधारा को जीवन में अपनाकर ही समाज जाग्रत हो सकता है तथा राष्ट्र उन्नत बन सकता है।
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चौधरी चरण सिंह समाज सुधार मंच के अध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने कहा कि महर्षि दयानंद महान समाज सुधारक थे। ऐसे महापुरुषों की जयंती मनाना बहुत बड़ा यज्ञ है। राष्ट्रीय वाचस्पति परोपकारिणी परिषद के अध्यक्ष आचार्य धनकुमार शास्त्री ने कहा कि महर्षि दयानंद युग प्रवर्तक थे, जिन्होंने बाल विवाह, सती प्रथा, बलि प्रथा आदि बुराइयों को समाज से समाप्त करने का काम किया। गोष्ठी में समाजसेवी, शिक्षाविद व विद्वानों को सम्मानित किया । इससे पूर्व वेद मंत्रों के साथ यज्ञ हुआ। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रोफेसर बलजीत सिंह आर्य ने की। संचालन जितेंद्र आर्य ने किया। गोष्ठी में आचार्य बलजोर सिंह आर्य, धर्मपाल प्रधान, हरवीर सिंह आर्य, सुबोध राणा, बच्चू सिंह, संजय प्रधान, नरेंद्र सोलंकी, रणधीर सिंह, सुशील वत्स, कुणाल आर्य, श्रीपाल धामा, मास्टर सीताराम, सत्यपाल सिंह, ओमपाल सिंह, बिजेंद्र कश्यप, डाक्टर सुनील आर्य आदि मौजूद रहे।
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