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बोर्ड परीक्षा में सेवानिवृत शिक्षकों से कराई जाएगी ड्यूटी

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माध्यमिक शिक्षक संघ और वित्त विहीन शिक्षकों ने दी परीक्षा के बहिष्कार की चेतावनी
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बागपत। माध्यमिक शिक्षक संघ और वित्त विहीन शिक्षकों के बोर्ड परीक्षा का बहिष्कार करने की घोषणा से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। डीआईओएस और बीएसए न ेबोर्ड परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकल विहीन कराने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। इसमें बोर्ड परीक्षा में सेवानिवृत्त शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया।
शिक्षकों की बोर्ड परीक्षा के बहिष्कार की चेतावनी के बाद सेवानिवृत्त शिक्षकों से परीक्षा कराने की तैयारी तेज कर दी है। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों से सेवानिवृत्त विद्यालयों के सेवानिवृत्त हो चुके हैं शिक्षकों से सहयोग लिया जाएगा। बीएसए और डीआईओएस इसके लिए सभी ऐसे सभी शिक्षकों को खंगालना शुरू कर दिया है। उनसे संपर्क तेज कर दिया। सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों से अपील की जा रही है दफ्तरों में पहुंचकर परीक्षा में ड्यूटी करने में सहयोग करें। जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण हो सके।
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बीएसए योगराज सिंह ने बताया प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के रिटायर्ड शिक्षकों को दफ्तर में बुलाया है। इनसे परीक्षा में ड्यूटी करने के लिए अपील होगी। जो भी इच्छुक होगा, उसको विद्यालयों में ड्यूटी के लिए अधिकृत करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा विद्यालयों के शिक्षकों को भी ड्यूटी की सूची पूर्व में ही सौंप दी है। बीएसए ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देशित कर दिया है। उधर, डीआईओएस पीके मिश्रा ने भी सेवानिवृत्त शिक्षकों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है, ताकि परीक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा पैदा न हो सके।

परीक्षा बहिष्कार के संबंध में शिक्षकों की बैठक आज
बागपत। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य और जिला महामंत्री वीरेंद्र सिंह ने बताया कि परीक्षा बहिष्कार के संबंध में बड़ौत और बागपत में रविवार को बैठक होगी।
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37 सौ बच्चों को भविष्य खतरे में
बागपत। बोर्ड ने परीक्षा फार्मों में गड़बड़ी के चलते करीब 37 सौ बच्चों को परीक्षा से बाहर कर दिया गया है। इसे देखकर संशय बना हुआ है कि ये बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे या नहीं। विभाग ने इस पर कोई योजना नहीं बनाई है। यह भी जानकारी नहीं है कि इनमें कितने बच्चे किस विद्यालय के हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। परीक्षा प्रभारी योगेंद्र ने बताया कि हमारे पास बोर्ड से इस तरह के किसी भी बच्चे की सूची नहीं दी गई है। सभी विद्यालयों को परीक्षा सामग्री वितरित कर दी । उन्होंने कहा 37 सौ बच्चों का भविष्य खतरे में है। डीआईओएस पीके मिश्रा ने कहा कि बोर्ड से सूची मिल जाती तो कुछ कहा जा सकता है।
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