फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गो संरक्षण समिति बढ़ाएगी गोशाला की आमदनी

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। जिले में गोशाला की आमदनी बढ़ाने और खुद के उत्पाद तैयार कराने के लिए जिला स्तर पर गो संरक्षण समिति का गठन होगा। इसमें जिले के अफसर और गो शाला के अध्यक्ष और सचिव को शामिल किया जाएगा। पशु चिकित्सा विभाग ने फाइल बनाकर डीएम को सौंप दी। अनुमोदन होते ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन

गो शाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार योजनाएं चला रही है। इससे खुद के उत्पाद तैयार करके उनसे होने वाली आमदनी से गो वंश की देखभाल हो सके। बायो गैस और गो मूत्र और गोबर से बनने वाले सामान के लिए प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए सरकार योजनाएं चला रही है। जिला स्तर पर गो-संरक्षण समिति का गठन होगा। इसके माध्यम से गो शाला की स्थिति को सुधारा जाएगा। समिति में अध्यक्ष डीएम होंगे। उपाध्यक्ष एसपी और सीडीओ को नामित किया। सदस्य सचिव मुख्य पशु चिकित्साधिकारी होंगे, वहीं वन विभाग, ग्राम्य, पंचायतीराज, कृषि, उद्यान, लघु सिंचाई के जिला स्तरीय अधिकारी, एएमए, नगर निकाय के अधिशासी अधिकारी, जनपद के सभी निबंधित गो शालाओं के अध्यक्ष और महामंत्री, उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग द्वारा नामित दो गो-सेवक प्रेमी को सदस्य बनाया जाएगा। समिति के संचालित होने पर गो शालाओं को सुचारु संचालन सुनिश्चित करेंगे। उन्हें स्वावलंबन की और बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। समिति गो शाला की आमदनी बढ़ाने के लिए बॉयो गैस, कंपोस्ट, पंचगव्य से बनाने वाले विभिन्न पदार्थ, साबुन, अगरबत्ती, मच्छर भागने की कायल, गोनाइल, औषधियां उत्पादन एवं विक्रय में सहायता प्रदान करेगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया समिति के लिए फाइल डीएम को भेज दी। अनुमोदन होते ही कार्य शुरू हो जाएगा।

त्रैमासिक होगी समिति की बैठक
सीवीओ डॉ. राजपाल ने बताया गो संरक्षण समितियां उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के पर्यवेक्षण में कार्य करेगी। गठित समितियों की बैठक त्रैमासिक रूप से होगी। इसमें कार्य वृत्त गो सेवा आयोग लखनऊ की समीक्षा हेतु उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन


गो वश के भारण पोषण के लिए मिलेगा अनुदान
पंजीकृत गोशाला के लिए सरकार ने योजना चलाई है। प्रति एक गाय के हिसाब से सरकार की और से अनुदान की व्यवस्था कराई जा रही है। इसकी तैयारी पूरी हो गई है। एक गोवंश पर एक दिन में करीब 300 रुपये का खर्च आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें