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जिला अस्पताल में मिलेगी सीटी स्कैन की सुविधा

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जिला अस्पताल में मिलेंगी एमआरआई और सीटी स्कैन सुविधाएं
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- एमआरआई बिल्डिंग बनकर तैयार, सीटी स्कैन मशीन का सेटअप बना
- बीपीएल वर्ग के लिए सुविधा मुफ्त, अन्य के लिए काफी कम शुल्क होगा
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जिला अस्पताल में एमआरआई बिल्डिंग बन गई है। सीटी स्कैन मशीन के लिए सेटअप तैयार हो गया है। माना जा रहा है कि अगले माह मार्च तक यहां कंप्यूटराइज्ड एक्सीयल टोमोग्राफी (सीटी स्कैन) और मेगनेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) की सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला अस्पताल में एमआरआई यूनिट बनाई जा रही है। बिल्डिंग बनने के बाद अब करीब सात करोड़ रुपये की एमआरआई मशीन यहां लगने जा रही है। साथ ही चिकित्सक और अन्य स्टाफ भी नियुक्त होगा। दरअसल, जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को एमआरआई की जांच बताए जाने पर या तो निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में जाना पड़ता है या फिर मेडिकल कॉलेज। निजी सेंटर पर एमआरआई के पांच से 25 हजार रुपये तक लिए जाते हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के लिए यह मुफ्त है और बाकी के लिए दो हजार रुपये शुल्क लिया जाता है।
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हजारों मरीजों को होगा लाभ
जिला अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से हजारों मरीजों को लाभ मिलेगा। मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। यहां हर साल चार से पांच लाख मरीज आते हैं, जिनमें से तीन से साढ़े तीन हजार मरीजों को एमआरआई की जरूरत होती है। बीपीएल कार्ड धारकों और अन्य निर्धन लोगों के लिए यह सुविधा मुफ्त होगी, जबकि बाकी के लिए बहुत कम शुल्क रखा जाएगा।
यहां अधिक प्रयोग
एमआरआई स्कैन का इस्तेमाल मस्तिष्क, हड्डियों व मांसपेशियों, सॉफ्ट टिश्यू, चेस्ट, ट्यूमर-कैंसर, स्ट्रोक, डिमेंशिया, माइग्रेन, धमनियों के ब्लॉकेज और जेनेटिक डिसऑर्डर का पता लगाने में होता है। बीमारी की सटीक जानकारी लिए यह जांच होती है। दूसरी तरफ, सीटी स्कैन मशीन का सेटअप रेडियोलॉजी विभाग के बाहर तैयार किया गया है। यह हर माह सैकड़ों लोगों को सीटी स्कैन की जरूरत रहती है। जिला अस्पताल से प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल ने बताया कि यहां जल्द ही सीटी स्कैन मशीन लगाई जाएगी।
ई-लाइब्रेरी भी हुई तैयार
डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) कोर्स कराने के लिए शासन की हरी झंडी का इंतजार है। जिला अस्पताल में इसके लिए ई-लाइब्रेरी बनाकर तैयार कर दी गई है। डीएनबी तीन साल का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है। प्रमुख अधीक्षक ने बताया कि कोर्स शुरू होने के बाद यहां लाइब्रेरी की भी जरूरत पड़ेगी। इसके लिए पूरा सेटअप तैयार कर लिया गया है।
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क्या है ये जांचें
एमआरआई: एक ऐसी तकनीक है, जिसमें चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों की सहायता से शरीर के अंगों एवं उनकी कोशिकाओं का स्पष्ट एवं विस्तृत चित्र बनाया जाता है।
सीटी स्कैन: यह एक्सरे का ही एक रूप होता है। यह शरीर के अंगों के चित्र को दिखाता है।
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