सौरभ ने दूसरा शतक जड़कर फिर दिखाए तेवर
बागपत। रणजी ट्राफी में शतक लगाकर सौरभ कुमार ने फिर खुद को साबित कर दिखाया है। आईपीएल की राइजिंग पुणे टीम में शामिल रहे सौरभ कुमार भले ही लेफ्ट आर्म स्पिनर हैं, लेकिन रणजी ट्रॉफी में उनका यह दूसरा शतक है। पहले बड़ौदा के खिलाफ सौरभ ने शतक जमाया था और इस बार असम के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी कर अपने प्रथम श्रेणी कॅरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 133 रन बनाए।
बड़ौत के सौरभ कुमार ने रणजी में असम के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी की। पिछले साल सात दिसंबर को बड़ौदा के खिलाफ जिस वक्त यूपी की टीम धराशायी होने को थी, तब कुलदीप यादव के साथ नासिक के मैदान पर सौरभ ने ही लंगर डालकर बल्लेबाजी की थी। युवा खिलाड़ी के बल्ले से पहले निकले थे 105 रन और इस बार निकले हैं 133 रन। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान डेनियल विटोरी के मुरीद सौरभ कहते हैं कि टीम इंडिया की ओर से खेलना उसका सबसे बड़ा सपना है।
बिटावदा का बेटा है सौरभ
बागपत। सौरभ कुमार बताता है कि उसका परिवार मूल रूप से मुजफ्फरनगर के बिटावदा गांव का रहने वाला है। पिता रमेश चंद दिल्ली में नौकरी करते थे। सहूलियत और बच्चों की शिक्षा के लिए परिवार बड़ौत के आजादनगर में आकर बस गया। यहीं पढ़ाई की और खेल सीखा। आगे बढ़ने के लिए इन दिनों परिवार के लोगों ने मेरठ में बाईपास के निकट आशियाना बनाया है।
सौरभ कुमार के बल्ले का कमाल
बागपत। सौरभ कुमार ने सात दिसंबर 2014 को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था, लेकिन बीता सत्र उसके लिए मुफीद रहा। धर्मशाला में तमिलनाडु के खिलाफ 51 रन, हैदराबाद के खिलाफ 52, रेलवे के खिलाफ 53 और बड़ौदा के खिलाफ 105 रन की पारी ने उन्हें आलराउंडर के तौर पर स्थापित करने का काम किया।