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स्वच्छ जीवन शैली अपनाएं और जरूर करें व्यायाम

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बिनौली (बागपत)। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता : 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल जिवाना में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया। सीएचसी बिनौली अधीक्षक डॉ. अतुल बंसल और मेडिकल अफसर डॉ. अभिनव नेहरा ने छात्राओं को विभिन्न बीमारियों और उनसे बचाव के विषय में जानकारी दी। डॉक्टरों ने कहा कि स्वच्छ दिनचर्या अपनाकर बीमारी पर आसानी से नियंत्रण किया जा सकता है। इसके अलावा व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। शरीर के अलावा घर और स्कूल के आसपास के वातावरण की सफाई जरूरी है। गंदगी कई बीमारी की जनक होती है। बच्चों में पेट के कीड़ों की समस्या हो जाती है, इसलिए स्वच्छता जरूरी है। नंगे पैर फर्श पर या मिट्टी पर चलने से बचना चाहिए। नाखूनों की सफाई होनी चाहिए। खुले में ठेलियों पर बिकने वाले खाने पीने के सामान से परहेज करना चाहिए। कटे फल बाजार से खरीदकर नहीं खाने चाहिए। कैंप का शुभारंभ स्कूल निदेशक डॉ. सुनील आर्य, डायरेक्टर अनिल आर्य, डॉ. अतुल बंसल, डॉ अभिनव बंसल ने किया। प्रधानाचार्य डॉ. राजीव खोखर, उप प्रधानाचार्य डॉ. सुशील वत्स, जितेंद्र आर्य, दीपा, मंजू, सविता शिवाच, मोनू राणा, शोकेंद्र, आकाश गोयल आदि मौजूद रहे।
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इस तरह अपनाए स्वस्थ जीवन
बिनौली । डॉ. अतुल बंसल ने कहा कि हाथों की नियमित सफाई करें। खाना बनाने से पहले, खाने से पहले, खाने के बाद और बाथरूम का उपयोग करने के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन से जरूर धोएं। घर के आसपास सफाई पर खास ध्यान दें, विशेषकर रसोई तथा शौचालयों के आसपास सफाई होनी चाहिए। कहीं भी पानी को इकट्ठा न होने दें। सिंक, वॉश बेसिन जैसी जगहों पर नियमित रूप से सफाई करें तथा फिनाइल, फ्लोर क्लीनर का उपयोग करते रहें। ताजी सब्जी और फल का प्रयोग ही करना चाहिए।


ऐसे भोजन का प्रयोग न करें
बिनौली । डॉ. अभिनव नेहरा ने कहा कि बहुत ज्यादा तेल, मसालों से बने भोजन का उपयोग न करें। खाने को सही तापमान पर पकाएं और ज्यादा पकाकर सब्जियों आदि के पौष्टिक तत्व नष्ट न करें। भोज्य पदार्थों को हमेशा ढककर रखें और ताजा भोजन खाएं। खाने में सलाद, दही, दूध, दलिया, हरी सब्जियों, साबुन, दाल-अनाज आदि का प्रयोग अवश्य करें। खाने में शकर तथा नमक दोनों की मात्रा का प्रयोग कम से कम करें।
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बच्चों ने इस तरह पूछे सवाल
छवि : शरीर में अगर दर्द हो तो घर में रखी पेन किलर लेनी चाहिए या नहीं।
डॉक्टर : पेन किलर या कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए। शरीर की क्षमता से अधिक पेन किलर लेना नुकसानदायक हो सकता है।
आरजू : बीमारियों से बचाव कैसे किया जा सकता है।
डॉक्टर : स्वच्छ दिनचर्या, ताजा भोजन और नियमित व्यायाम से बीमारियों पर नियंत्रण किया जा सकता है।
साक्षी : तीस साल के बाद कमर दर्द और घुटनों में दर्द क्यों होता है।
डॉक्टर : इसकी अलग-अलग वजह हो सकती है। हर मरीज को अलग-अलग कारणों से ऐसा होता है। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
मेघा सोलंकी : शुगर क्यों होता है।
डॉक्टर : खून में शर्करा का स्तर बढ़ जाने से शुगर होता है। इंसुलिन का शरीर सही उपयोग नहीं कर पाता है।
आरती : हार्ट अटैक क्यों होता है।
डॉक्टर : ह्दय तक जाने वाली ऑक्सीजन युक्त खून का प्रवाह रुक जाने के कारण हार्ट अटैक पड़ता है। वसा, कॉलस्ट्राल इसकी वजह हैं।
मानसी : क्या पके चावलों को दोबारा गर्म करके खाना हानिकारक होता है।
डॉक्टर : इससे कोई नुकसान नहीं होता है।
देवांशी तोमर : कैंसर की वजह क्या होती है।
डॉक्टर : कैंसर कई तरह का होता है और सबकी अलग-अलग वजह होती है। थकान, कमजोरी, पेशाब और शौच में खून आना, तेज बुखार, खांसी समेत अन्य प्राथमिक कारण हो सकते हैं।
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तनु : मनुष्य को प्रतिदिन कितनी कैलोरो की आवश्यकता होती है।
डॉक्टर : औसतन महिलाओं को दो हजार और पुरुषों को 2500 कैलोरी प्रतिदिन लेना चाहिए। अगर वजन घटाना चाहते हैं तो कैलोरी की मात्रा को कम कर देना चाहिए।
छवि सोलंकी : मनुष्य को कितने सॉल्ट की आवश्यकता होती है।
डॉक्टर : हर आयु वर्ग के लिए यह अलग-अलग होता है। बच्चों को कम से कम 1200 मिलीग्राम नमक की जरूरत होती है।
अक्षी : कई केस ऐसे हैं, जिनमें हड्डी टूटने की जानकारी नहीं मिल पाती।
डॉक्टर : दर्द या सूजन से हड्डी टूटने के संकेत जरूर मिलते हैं। डॉक्टर से संपर्क कर जांच करानी चाहिए।
सोनिया : क्या छोटे बच्चों को पेन किलर देना चाहिए।
डॉक्टर : डॉक्टर की सलाह के बगैर बच्चों को पेन किलर नहीं देनी चाहिए।
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