बागपत। जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना को जिले में लागू करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना में तीन किश्तों में किसानों के खातों में धनराशि डीबीडी (डायरेक्टर बेनिफट ट्रांसफर) की जाएगी। जिले में किसान पारदर्शी पोर्टल पर करीब 1.5 लाख किसान पंजीकृत हैं। इसको प्रथम चरण में योजना का लाभ मिलेगा। सीडीओ ने कृषि विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है।
केंद्र सरकार ने एक फरवरी को बजट में प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को छह हजार रुपये सालाना लाभ पहुंचाने की घोषणा की । इस योजना में पंजीकृत किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। किसान पारदर्शी योजना के तहत पंजीकृत किसानों का ब्योरा जुटाया जाना शुरू हो गया है। इसमें प्रशासन राजस्व और कृषि विभाग से पात्र कृषकों का सत्यापन कराएगा। इसके बाद छह हजार रुपये को तीन किश्तों में किसानों के खाते में पहुंचाया जाना शुरू किया जाएगा। सीडीओ पीसी जायसवाल ने बताया कि योजना में पंजीकृत किसान और दो हेक्टेयर से कम भूमि वाले कृषकों को लाभ दिलाया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों से ब्योरा जुटाया जा रहा है। किसान पारदर्शी पोर्टल पर 1.5 लाख कृषक अप लोड हैं। उन्हें डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) के माध्यम से खाते में धनराशि दी जाएगी। तीन किश्तों के माध्यम से योजना का लाभ मिलेगा।
सीडीओ हैं योजना के नोडल
बागपत। डीएम के निर्देशन में सीडीओ प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के नोडल अधिकारी होंगे। कृषि विभाग नोडल विभाग बनाया रहेगा। लेखपालों के अलावा ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, कृषि, सहकारिता के कर्मचारियों की सूची तैयार की जाएगी। उक्तानुसार सूची बन जाने के पश्चात लेखपाल एवं एक अन्य ग्राम स्तरीय कर्मचारी और दो कर्मचारियों की एक टीम बनाई जाएगी। प्रत्येक टीम को आवश्यकतानुसार राजस्व ग्रामों की संख्या का आवंटन किया जाएगा। डीएम स्तर से 20 से 25 राजस्व ग्राम पर एक सेक्टर प्रभारी नामित किया जाएगा।
2024 तक योजना के लाभार्थियों में नहीं होगा कोई फेरबदल
बागपत। खेत के बंटवारे और जमीन खरीदने से बने किसान योजना से बाहर होंगे। एक फरवरी बाद से खेत का बंटवारा कर दो हेक्टेयर से कम जमीन का किसान बनने वाले को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। 2024 तक योजना के लाभार्थियों में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। कृषि भूमि मालिक स्वेच्छा से अपने किसी उत्तराधिकारी के नाम खेती योग्य भूमि ट्रांसफर करता हैं, तो उत्तराधिकारी को योजना का लाभ उठाने के लिए पांच साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उसे तुरंत ही योजना के लाभार्थियों में शामिल किया जाएगा।