बागपत। सीएम योगी आदित्यनाथ भले ही खेतों में गन्ना खड़ा रहने तक पेराई का भरोसा किसानों को दिला चुके हो, लेकिन चीनी मिलों ने बंदी के नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं। मेरठ की किनौनी चीनी मिल ने 29 अप्रैल को बंदी के लिए दूसरा नोटिस जारी कर दिया, लेकिन गन्ना विभाग ने सर्वे किया तो मिल क्षेत्र का करीब 10 हजार क्विंटल गन्ना खेतों में खड़ा है। डीसीओ सुशील कुमार ने चीनी मिल को नोटिस जारी कर दिया है। चेतावनी दी है कि अगर समय से पहले चीनी मिल की पेराई बंद की गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किनौनी चीनी मिल ने पेराई सत्र 29 अप्रैल को खत्म करने के लिए दूसरा नोटिस जारी किया है। डीसीओ सुशील कुमार ने बताया कि बागपत और मलकपुर समिति क्षेत्र के सचिव और ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षकों से सर्वे कराया गया। मिल को आवंटित क्षेत्र में करीब 10 हजार क्विंटल गन्ना खड़ा है। चीनी मिल को नोटिस जारी किया गया है। चेतावनी दी गई है कि अगर खेत में खड़े गन्ने की पेराई से पहले चीनी मिल को बंद किया तो आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। डीसीओ ने बताया कि गन्ना उपायुक्त को इस विषय में अवगत करा दिया गया है। मिल के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। किसानों के गन्ने की पूरी पेराई कराई जाएगी।
इस क्षेत्र में खड़ा है गन्ना
बागपत। ढिकौली, पांची, बड़ा गांव, सिंघावली, लुहारा, अमीनगर सराय, नंगला रवा, डौलचा, तितरौदा, खिंदौड़ा, तेड़ा, फखरपुर, बिजरौल, बामनौली, रंछाड़, दरकावदा, सिरसलगढ़ और जिवाना में गन्ना खड़ा है।
मिल बंदी हुई तो आंदोलन: तोमर
बागपत। युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर ने कहा कि चीनी मिल को बंद किया गया तो रालोद आंदोलन करेगा। किसी भी कीमत पर किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मिलों को जारी किए हैं नोटिस: डीसीओ
बागपत। डीसीओ सुशील कुमार का कहना है कि किसान के खेत से पूरा गन्ना लिया जाएगा। चीनी मिलों को इस बाबत अवगत करा दिया गया है। सर्वे कराया जा रहा है। किसानों को भुगतान के लिए भी नोटिस जारी किए हैं।