बागपत। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का भविष्य ऐसे शिक्षकों के हाथों में है जो सही प्रकार से न तो हिंदी ही लिख पाते है और न ही अंग्रेजी। छपरौली ब्लॉक के मुकंदपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय का शिक्षक बीएसए के टेस्ट में फेल हो गया। समाचार पत्र से हिंदी में इमला बोला गया, जिसको शिक्षक सही नहीं लिख सका। हिंदी से इंग्लिश बनाने में भी पसीने छूट गए।
मुकंदपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षक पिछले काफी समय से सस्पेंड चल रहा है। शुक्रवार को बीएसए योगराज सिंह ने शिक्षक को तैनाती देने के लिए एक रूटीन टेस्ट लिया। सबसे पहले शिक्षक को एक समाचार पत्र से इमला बोलकर लिखवाया गया। पहले टेस्ट में वह फेल हो गए और सही प्रकार से हिंदी नहीं लिख सके। उसके बाद एक साधारण सा अंग्रेजी का वाक्य बनाने के लिए दिया, इसमें भी शिक्षक ने स्पेंलिंग गलत लिखी। उसके बाद बीएसए ने शिक्ष से अंग्रेजी में चार-पांच लाइन लिखवाई, उसमें अधिकांश में गड़बड़ थी। हिंदी उच्चारण करने में भी शिक्षक को पसीने छूट गए। बीएसए योगराज सिंह ने शिक्षक की इस कार्यशैली पर नाराजगी जताई।