बागपत। नववर्ष से खिलाड़ियों को भी कम उम्मीदें नहीं है। बड़ौत में निर्माणाधीन स्टेडियम का कार्य पूरा होकर इसकी सौगात खिलाड़ियों को मिलने की उम्मीद इस साल है। खेकड़ा में सिंथेटिक ट्रैक बनवाने को हरी झंडी मिल चुकी है। खिलाड़ियों को दोनों सौगात मिली तो जिले से खेल प्रतिभाओं का पलायन रुक सकेगा।
बागपत खेल प्रतिभाओं का खजाना है। अकेले मलकपुर गांव में कबड्डी और कुश्ती के खिलाड़ियों की खजाना है। तीरंदाजी, क्रिकेट, निशानेबाजी समेत अन्य खेलों में जिले की प्रतिभाओं ने धूम मचाई है। लेकिन 18 सितंबर 1997 में जिला घोषित होने के बाद भी अभी तक जिला बागपत के खिलाड़ियों के लिए कोई बड़ी सुविधा नहीं की, लेकिन इस साल बड़ौत में निर्माणाधीन खेल स्टेडियम का कार्य पूरा होने के बाद इसका तोहफा खिलाड़ियों को मिलने की उम्मीद है। अर्जुन अवार्डी शोकेंद्र तोमर ने इस स्टेडियम के लिए धरना दिया। सपा सरकार ने काम शुरू कराया, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो सका है। उम्मीद है कि इस साल यह स्टेडियम खिलाड़ियों को मिल जाएगा। उधर, खेल विभाग ने खेकड़ा में सिंथेटिक ट्रैक को हरी झंडी दी है। उम्मीद है कि इस साल ट्रैक का निर्माण हो जाएगा, जो खिलाड़ियों के लिए बड़ी राहत होगी।
जिले से प्रतिभाओं का पलायन
खेल सुविधाएं नहीं होने के कारण जिले से खेल प्रतिभाओं का पलायन हो रहा है। कुश्ती और कबड्डी के खिलाड़ी अन्य राज्यों में अभ्यास करते हैं और उनकी तरफ से ही फिर खेलों में भाग लेते हैं।