बागपत। मुख्यमंत्री के आदेश जिला बागपत में गलत साबित हो रहे हैं। उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल रही, लेकिन बिल पहुंच जाता है। बढ़े बिल भेजे जाने से उपभोक्ता परेशान हैं। गलत बिल को लेकर उपभोक्ता विद्युत निगम के खिलाफ कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकलता। उन्होंने कहा निगम के अफसर समस्या सुनने को तैयार नहीं है।
मुख्यमंत्री आदित्य नाथ ने कुर्सी पर बैठते ही विद्युत निगम को जिला मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील क्षेत्र को 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे बिजली देने के आदेश किए थे। जैसे ही गर्मी ने विकराल रूप धारण किया, वैसे ही बिजली के कट लगने भी शुरू हो गए। अब हालत बदतर हो गई है। जिला मुख्यालय को ग्रामीण क्षेत्रों के हिसाब से लाइट मिल रही है। जबकि कस्बा और देहात का कोई हिसाब नहीं है। जब चाहे बिजली आ जाती है, जब चाहे चली जाती है।
कस्बा अग्रवाल मंडी टटीरी में मात्र 7-9 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। कस्बा टीकरी और दोघट में 6-8 घंटे, कस्बा अमीनगर सराय, कस्बा छपरौली और नगर पालिका खेकड़ा में 14-15 घंटे बिजली आ रही है। भयंकर गर्मी पड़ने और बिजली न आने से जनता का हाल बुरा हो रहा है। लोग बिजली घरों पर हंगामा कर अफसरों का घेराव करने में भी कसर नहीं छोड़ रहे है, लेकिन नतीजा शून्य है। उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
सूख रही किसानों की फसल
बागपत। बिजली न आने से किसानों की ईख, ज्वार और अन्य फसलों की समय से सिंचाई नहीं हो पा रही है। जो सूखने के कगार पर पहुंच रही है।
बिजली नहीं उपभोक्ताओं को मिल रहे हैं बिल
बागपत। विद्युत निगम उपभोक्ताओं से मनमर्जी बिल वसूल रहा है। मीटर के रीडिंग का कोई हिसाब नहीं है। उपभोक्ताओं के पास बढ़ा हुआ बिल पहुंच रहा है। अमीनगर सराय निवासी सतेंद्र, हर माह बिल जमा कर रहे हैं। इस माह उनके पास 36 हजार रुपये का बिल पहुंचा। इसी तरह विजयपाल के पास 14 हजार रुपये और नवीन गुप्ता के पास 10 हजार रुपये का बिल आया है।
शेड्यूल के अनुसार दी जा रही बिजली : एसई
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता रामवीर सिंह ने कहा जनपद में शेड्यूल के हिसाब से बिजली दी जा रही है। किसी भी उपभोक्ता से बढ़ा हुआ बिल नहीं वसूला जाएगा। यदि किसी के पास ज्यादा रुपये का बिल पहुंच रहा है तो उसकी शिकायत का निस्तारण किया जाएगा।