बागपत। पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा के दौरान 12 अक्तूबर को नकल माफिया किसी तरह से सेंधमारी नहीं कर सके, इससे पहले ही उनपर शिकंजा कस दिया गया है। पुलिस ने जिले के 60 नकल माफियाओं को पांच-पांच लाख रुपये से मुचलका पाबंद किया है। इन पर सॉल्वर गिरोह में शामिल होकर बागपत के अलावा अन्य जिलों व प्रदेशों में नकल कराने के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
बागपत के काफी युवकों ने सॉल्वर गिरोह बनाए हुए हैं। रेलवे, सेना, यूपी पुलिस, लेखपाल, सचिव, यूपीटीईटी समेत अन्य परीक्षाओं में नकल कराते हुए सॉल्वर गिरोह में शामिल यहां के युवक कई बार पकड़े जा चुके हैं। ये दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान तक पकड़े गए।
पुलिस की रेडियोग्राफर की भर्ती परीक्षा के दौरान तो गिरोह में बागपत के दस से ज्यादा सदस्य शामिल थे जो बड़ौत में बैठकर कंप्यूटर हैक करके पेपर करा रहे थे।
इस तरह ही आठ अगस्त को एसएससी की परीक्षा में नकल कराते हुए भी कई युवक नैनीताल में पकड़े गए थे। एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि इस तरह अभी तक बागपत के 60 युवक चिह्नित किए गए हैं जो सॉल्वर गिरोह में शामिल रहे हैं।
इनमें छह महिलाएं भी शामिल हैं। इन पर जिले के अलावा दूसरे जनपदों व राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कई गिरोह के सरगना भी है। इन सभी का ब्योरा जुटाकर पीसीएस परीक्षा से पहले पांच-पांच लाख रुपये से मुचलका पाबंद किया गया है। जिससे इनको पता रहे कि पुलिस की इनपर नजर है और ये परीक्षा में यह किसी तरह से सेंधमारी नहीं कर सकें।
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