अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। कस्बे में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दूसरे दिन सैकड़ों श्रद्धालु प्रसंगों को सुनकर भावविभोर हो गए। व्यास दर्शनी बाई ने प्रसंग सुनाया कि पृथ्वी पर भगवान का अवतार किसी विशेष उद्देश्य के लिए होता है।
उन्होंने कहा कि भगवान धर्म की स्थापना करने के लिए और अधर्म का नाश करने के धरती पर जन्म लेते हैं। जब अधर्म बढ़ जाता है और चारों ओर त्राहि-त्राहि होने लगती है तब स्वयं भगवान नररूप में आकर अनेक प्रकार की लीला करते हैं। कथा में यज्ञमान योगेश गोयल और उनकी पत्नी गीता देवी रही। उन्होंने साध्वी दर्शनी बाई, सहयोगी साध्वी, धनिष्ठा बाई, सरिता, भाजन गायक का फूल मालाओं से स्वागत किया। मुख्य अतिथि पूर्व चेयरमैन प्रमोद गुप्ता ने दीप जलाकर कथा का शुभारंभ किया। संचालन धुरंधर चौहान ने किया। इस दौरान संजीव शर्मा, सुनील, अनिल गोयल, अंकुर शर्मा, राजकुमार, राजेश, बबलू, मुकेश, अजय गोयल, प्रमोद गोयल, दिनेश, श्रवण, चमन, संदीप गोयल, देव कुमार, गजराज शर्मा, रूचि गोयल, कमला देवी, केशवती आदि का सहयोग रहा।