बागपत। किरठल गांव के मुस्लिम परिवार ने शस्त्र लाइसेंस न बनने के विरोध में बाजू पर काली पट्टी बांधकर कलक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इस दौरान पीड़ित ने राष्ट्रपति के नाम अपने खून से पत्र भी लिखा, लेकिन किसी अधिकारी ने उसे नहीं लिया।
बुधवार को किरठल गांव निवासी फुरकान अली पुत्र श्यामूद्दीन अपनी पत्नी हसमति, बेटी कौशर, सोनम, शबनम, आयशा व बेटे लविश, अलीन, लविव के साथ कलक्ट्रेट पर पहुंचा और शस्त्र लाइसेंस न बनने के विरोध में बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर धूप में बैठकर धरना दिया। उनका कहा कि वह वर्ष 2010 से शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। अब तक उच्च अधिकारियों ने उसके लाइसेंस संबंधी कई फाइलों को दबा दिया। जिसकी उसने अन्य जिले के अधिकारियों से जांच शुरू करने की मांग की है। अधिकारियों ने उसे ईद के बाद लाइसेंस बनाने का आश्वासन दिया, लेकिन दोबारा से उसकी बात को टाल दिया है। चेतावनी दी कि यदि दो दिनमें उसका शस्त्र लाइसेंस नही बनाया तो वह कलक्ट्रेट के बाहर परिवार समेत अनिश्चितकालीन धरना देगा। वहीं धरने की सूचना पर रमाला पुलिस आनन फानन में बड़ौत तहसीलदार मांगेराम के साथ कलक्ट्रेट पहुंची तथा धरने दे रहे परिवार को उठा कर रमाला थाने ले गए। इस दौरान पुलिस व पीड़ित परिवार के बीच नोकझोंक भी हुई।