दोघट (बागपत)। कान्हड़ गांव में गन्ना भुगतान न होने से कैंसर पीड़ित किसान भूख हड़ताल पर बैठ गया। सूचना पर किनौनी चीनी मिल के अधिकारी व पुलिस मौके पर पहुंची। मिल अधिकारियों ने आश्वासन देकर किसान को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। पीड़ित किसान ने कहा कि जब तक गन्ना भुगतान नहीं मिलेगा, भूखहड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।
कान्हड़ गांव निवासी किसान सतीश पुत्र ईश्वर कैंसर से पीड़ित है। उसका गन्ना किनौनी मिल में जाता है। मिल पर उसका नौ लाख रूपये के लगभग गन्ने का भुगतान बकाया है। मिल गन्ना भुगतान नहीं कर रही है। बीमारी में पैसा खर्च हो रहा है। किसान आर्थिक रूप से परेशान है। उसने मेरठ कमिश्नर से लेकर मुख्य सचिव लखनऊ तक गन्ना भुगतान कराने की मांग कर चुका है, लेकिन गन्ना भुगतान नहीं मिला। इससे नाराज कैंसर पीड़ित किसान सतीश सोमवार को अपने घर पर ही भूखहड़ताल पर बैठ गया। किसान ने कहा जब तक गन्ना भुगतान नहीं मिलेगा, तब तक भूख हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी।
सूचना पर किनौनी चीनी मिल के वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक महकार सिंह, उप गन्ना प्रबंधक दुष्यंत त्यागी, गन्ना अधिकार योगेंद्र सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और किसान को मनाने की कोशिश की, लेकिन किसान नहीं माना। किसान ने कहा कि पहले गन्ना भुगतान दिलाओ, फिर बात करूंगा। जब किसान नहीं माना तो मिल अधिकारी वापस लौट गए। वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक महकार सिंह ने बताया कि किसान ने पिछले साल भी इसी तरह बीमारी का बहाना बनाकर एक लाख रुपये ले लिए थे। इस बार भी किसान बीमारी का बहाना बना रहा है। मिल धीरे-धीरे बकाया गन्ना भुगतान कर रही है। इस संबंध में दोघट एसओ चितवन कुमार ने बताया कि पीड़ित किसान से बात की गई है। उसकी समस्या के बारे में अधिकारियों को भी अवगत कराया दिया गया है।