बागपत। एससी /एसटी एक्ट में बदलाव से भड़की हिंसा के बाद कलक्ट्रेट में दलितों के आने की सूचना से प्रशासन ने एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया। ज्ञापन देने आने वाले से पूछताछ की, इसके बाद उन्हें अंदर भेजा। दोपहर तक भी एक्ट के विरोध में कोई भी दलित नेता कलक्ट्रेट नहीं पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट के एससी/ एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में विभिन्न जिलों में वाहनों में आगजनी और बवाल होने के बाद प्रत्येक जिले में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया। दलित नेताओं पर निगरानी रखी जानी शुरू कर दी। बुधवार को कलक्ट्रेट में दलितों द्वारा एक्ट में बदलाव के विरोध में ज्ञापन सौंपे जाने की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया । इसे देखकर कलक्ट्रेट में भारी पुलिस बल सुबह ही तैनात किया। निर्देशित किया कलेक्ट्रेट में ज्यादा संख्या में अपनी शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोगों से पूछताछ की जाएगी, इसके बाद पुलिस ने हर व्यक्ति से पूछताछ करने के बाद उन्हें डीएम के कार्यालय तक जाने दिया। दोपहर तक भी कोई भी दलित नेता समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट नहीं पहुंचा। एहतियातन पुलिस बल वहां तैनात रहा। विशेष नजर रखी गई। केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में एक्ट में बदलाव न किए जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। एडीएम लोकपाल सिंह ने बताया कि एहतियातन कलक्ट्रेट में पुलिस बल तैनात किया । दलितों के संबंध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा है। एक्ट के विरोध में कोई भी दलित नेता नहीं पहुंचा है।
जगह-जगह रहा पुलिस बल तैनात
शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात किया। जरा भी हलचल होने पर जांच की। एसपी जयप्रकाश ने भी इस संबंध में प्रत्येक थानाध्यक्ष को सख्त निर्देशित किया हुआ है।
खुफिया विभाग भी अलर्ट
एक्ट में संशोधन के विरोध में हिंसा के बाद प्रशासन ने दलित नेताओं पर नजर रखनी शुरू कर दी है। बसपा सहित सभी छोटे दलों के नेताओं पर नजर रखी जा रही है। खुफिया विभाग भी अलर्ट है।