बड़ौत (बागपत)।
सरकारी विद्यालयों मेें फर्नीचर लगवाएं की अमर उजाला की मुहिम अब परवान चढ़ गई । शनिवार को गूंगा खेड़ी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर 2 में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर लगा दिया। इसको लेकर स्कूली बच्चों और अभिभावकों में हर्ष की लहर दौड़ गई। उन्होंने अमर उजाला का आभार जताया।
अमर उजाला द्वारा सरकारी विद्यालयों मेें बच्चों के लिए फर्नीचर लगवाने की मांग को प्रमुखता से प्रकाशित किया। अमर उजाला द्वारा चलाएं जा रहे इस मुद्दे को व्यापक रूप देने के लिए गुराना गांव मेें हुई पंचायत में सहमति देकर कमेटी गठित की । कमेटी के सदस्यों ने जनसंपर्क कर सैकड़ों अभिभावकों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित विभागीय अफसरों को फैक्स भेजा । फर्नीचर लगवाने की बढ़ती मांग को देखकर शासन से विद्यालयों में ग्राम पंचायत की धनराशि से फर्नीचर लगवाने की अनुमति मिली है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी हो चुका है। शासनादेश मेें स्पष्ट है कि विद्यालय ग्राम पंचायत की संपत्ति है। इसमें टूट-फूटी, मरम्मत, रंग-पुताई के अलावा फर्नीचर भी लगवाया जा सकता है।
शासनादेश जारी होते ही प्रशासनिक अफसर हरकत में आए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेकर सीडीओ चांदनी सिंह ने अवर अभियंताओं को विद्यालयों में लगने वाले फर्नीचर का स्टीमेंट बनाने के निर्देश दिए है। साथ ही लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। अमर उजाला द्वारा चलाएं जा रहे मुद्दे से प्रेरणा लेकर ग्राम प्रधान गूंगा खेड़ी संजीव कुमार और सचिव विकुल ने शनिवार को गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर लगवा दिया है। इससे बच्चों व अभिभावकों में हर्ष की लहर दौड़ गई। इस संबंध में बीडीओ प्रेमचंद ने कहा शासनादेश जारी हो चुका है। ग्राम प्रधानों, सचिवों और अवर अभियंताओं को शासनादेश से अवगत कराया जा चुका है। ग्राम प्रधान गूंगा खेड़ी और सचिव का यह कदम सराहनीय है। विद्यालय मेें तैनात प्रधानाध्यापक राज कुमार ने कहा अमर उजाला के मुद्दे पर प्रधान द्वारा उठाएं गए कदम सराहनीय है।