तीर्थंकर आदिनाथ का निर्वाण महोत्सव मनाया
बागपत। श्री 1008 चंद्र प्रभु दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में तीर्थंकर आदिनाथ का निर्वाण महोत्सव मनाया गया। भक्तामर पाठ की भक्ति में शक्ति नामक पाठ हुआ। इसमें बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
सोमवार को जैन समाज के लोगों ने तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का निर्वाण महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया। सुबह के समय भगवान का अभिषेक किया। उसके साथ शांति धारा और पूजा-अर्चना की गई। पंडित हंसराज जैन ने कहा कि अवसर्पणी काल के दुखमा, सुखमा नामक चतुर्थ काल से पूर्व चैत्र कृष्ण नवमी को तीर्थंकर आदिनाथ का जन्म हुआ था।
उन्होंने बताया कि तीर्थंकर आदिनाथ ने अपने राज्यकाल में प्रजा को कृषि, व्यापार, शिल्प कला का ज्ञान दिया और अपनी पुत्री ब्रह्मी और सुंदरी को अक्षर एवं अंक विद्या का ज्ञान कराया। प्रजा सुख से जीवन यापन करने लगी। तीर्थंकर आदिनाथ ने अहिंसा, सत्य और ब्रह्मचर्य का उपदेश दिया। माघ कृष्ण चतुर्दश को इस शरीर को छोड़कर उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया और सिद्ध शिला पर जाकर विराजमान हो गए।
कार्यक्रम में बच्चों ने नाटक आदि सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान शिखरचंद जैन, पूनम जैन, संदीप जैन, हंसराज जैन, उमंग जैन, उज्जवल जैन, आदिश जैन, अजय जैन, सुधा जैन, विवेक जैन मौजूद रहे।