बागपत। बूंदाबांदी से तापमान मेें गिरावट दर्ज की गई है। गेहूं बुवाई में देरी होने की संभावना है। सरसों और आलू की फसल को नुकसान हो सकता है। सिंचाई के लिए तैयार गेहूं की फसल को लाभ होगा। बूंदाबांदी के कारण गन्ने की छिलाई और तौल का कार्य भी प्रभावित हो गया।
सोमवार को देर रात तक बूंदाबांदी चलती रही। मंगलवार आसमान में बादल छाए रहे। खेकड़ा और बड़ौत के देहात क्षेत्र में भी मंगलवार को भी बूंदाबांदी हुई। मौसम विज्ञान विभाग की मानें तो दो दिन में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश से फसलों को अधिक नुकसान की संभावना नहीं है। जिन किसानों ने खेत गेहूं बुवाई के लिए तैयार किए थे, उन्हें परेशानी होगी। गेहूं की बुवाई में तीन से चार दिन तक देरी होने की संभावना है। जिन किसानों ने गेहूं बुवाई के लिए पलेवा किया है, उनकी बुवाई भी प्रभावित हो गई है। सरसों की अगैती फसल को नुकसान होने की संभावना है। उधर, गेहूं के ऐसे खेत जिनकी पहली सिंचाई की जानी थी बारिश से उन्हें लाभ होगा। कृषि विशेषज्ञ महेश खोखर का कहना है कि बूंदाबांदी से पौधों की पत्तियां साफ हो जाती है और इससे पौधों को भोजन बनाने में आसानी होती है। फसलों की बढ़ वार होगी, विशेषकर गेहूं की। इस तरह की बूंदाबांदी से रोग कम होंगे।
दूसरी तरफ बारिश के कारण कोल्हू पर गुड़ बनना प्रभावित होगा। इससे अगले दो दिन में कोल्हू नहीं चलने से गुड़ के भाव बढ़ने की संभावना है। भट्ठों पर ईट पथाई का काम भी रुक गया है। कुछ भट्ठों पर कच्ची ईंट खराब हो गई है। इससे भट्ठा मालिकों लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हो गया है।
नया गांव में गड्ढे ही गड्ढे
बागपत। मेरठ रोड पर नया गांव हमीदाबाद में बारिश का पानी गड्ढों में भर गया। यहां से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो गया। दिन में यहां कई बार जाम की स्थिति बनीं। ग्रामीणों ने कहा प्रशासन से कई बार गड्ढे भरवाने की मांग की, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।