बागपत जनपद के बंदी अब मेरठ कारागार में नहीं रहेंगे। शनिवार (आज) को करीब 500 बंदियों को मेरठ जेल से बागपत कारागार में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके लिए अफसरों ने पूरी तैयारी कर ली है। सुरक्षा व्यवस्था के पूरे इंतजार अफसरों ने अपनी देखरेख में पूरे कराए है।
बागपत को वर्ष 1997 में जनपद का दर्जा मिल गया था। लेकिन अभी तक यहां से अपराधी मेरठ जेल में जाते रहे हैं। मेरठ से प्रतिदिन पुलिस गाड़ी बंदियों को पेशी के लिए कोर्ट लेकर आती थी। रास्ते में कई बार बंदी आपस में भिड़ चुके थे। बंदियों का गाड़ी में हंगामा करना तो आम बात हो गई थी। दो माह पूर्व बंदी गाड़ी ने मेरठ-बागपत मार्ग पर मीतली चौराहे के पास बाइक को कुचल दिया था। बाइक पर सवार छात्रा की मौत हो गई थी।
इसको लेकर जमकर हंगामा हुआ था। पुलिस को अब इस आवाजाही से निजात मिलने जा रही है। मेरठ जेल में बंद बागपत के बंदियों को शनिवार (आज) खेकड़ा क्षेत्र के गांव अब्दुलपुर में बनी जेल में शिफ्ट किया जा रहा है। इससे बंदियों को आने-जाने से निजात मिलेगी साथ ही उनके परिजनों को काफी राहत होगी। क्योंकि बंदियों से मिलने के लिए उनके परिजनों को मेरठ जेल जाना पड़ता था। अब उन्हें मेरठ नहीं जाना पड़ेगा।
11 साल में भी पूरा नहीं हुआ निर्माण
बागपत। जेल अधीक्षक एमएल यादव का कहना है कि बागपत के अब्दुलपुर गांव में वर्ष 2005 से जेल का निर्माण चल रहा है। अभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। करीब 28 करोड़ रुपये का खर्च आ चुका है। अधिकारियों के आवास अभी बनने बाकी है।
बंदी ज्यादा, जेल की क्षमता कम
बागपत। जेल अधीक्षक एमएल यादव ने बताया कि बागपत जेल की क्षमता फिलहाल करीब 600 बंदियों की है। जबकि बागपत जनपद के करीब 1200 बंदी अकेले मेरठ जेल में बंद है।
मेरठ जेल में बागपत के बंदी कर चुके बवाल
बागपत। मेरठ जेल में बागपत के बंदियों के कई गैंग है। कुछ बंदी हिस्ट्रीशीटर उधम सिंह करनावल गैंग में है तो कुछ योगेश भदौड़ा गैंग में। राहुल खट्टा गैंग के कई सदस्य भी मेरठ जेल में बंद है। उनके बीच कई बार झगड़ा हो चुका है। ऐसी स्थिति में बागपत जेल में अफसरों और कर्मचारियों को काफी सतर्क रहना होगा।
बागपत जेल अधीक्षक एम.एल यादव का कहना है कि मेरठ कारागार से बागपत जेल में पहली खेप में करीब 500 बंदियों को शिफ्ट किया जा रहा है। धीरे-धीरे और बंदी यहां लाए जाएंगे। बागपत डीएम और एसपी से जेल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, पीएसी के अलावा 30 होमगार्ड की मांग की गई है।
एसपी रवि शंकर छवि का कहना है कि बागपत जेल में पुलिस चौकी बना दी गई है। सुरक्षा की दृष्टि से जेल पर पर्याप्त पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है।