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सरकार के आखिरी बजट से राहत की उम्मीदें

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बागपत। केंद्र सरकार के अंतरिम बजट पर हर वर्ग के लोगों की उम्मीदें टिकी है। व्यापारियों और उद्यमियों का कहना है कि टैक्स में छूट दिया जाना चाहिए। जिस व्यापार पटरी पर लौट सके। छूट से बाजार में उछाल की उम्मीद बन सकती है। गृहणियों को महंगाई कम होने की उम्मीद है। नौकरीपेशा वर्ग की अपनी मांगें है। किसानों को उम्मीद है कि उनके लिए भी सरकार पिटारा खोलेगी। लेकिन किसानों का कहना है कि कृषि ऋण जैसे लक्ष्य बढ़ाने के बजाए किसानों के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। सिर्फ खेती पर निर्भर किसान वर्ग के लिए सरकार को विशेष पहल किए जाने की जरूरत है। चुनावी साल के इस बजट से आम आदमी को अधिक उम्मीदें है।
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व्यापारी पवन जैन का कहना है कि व्यापारी को टैक्स में छूट चाहिए। जब से टैक्स लगे हैं, व्यापार चौपट हुए हैं। सरकार को छोटे व्यापारी की चिंता करनी चाहिए।
व्यापारी ललित कुमार जैन का कहना है कि बजट में आम से आम आदमी के हितों का ख्याल रखा जाना जरूरी है। सरकार ने जो भरोसा दिलाया था, अब उस पर खरा उतरना चाहिए।
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व्यापारी राकेश कुमार का कहना है कि जब तक टैक्स भरने की प्रक्रिया को सरल किया जाए और विभिन्न उत्पादों पर टैक्स कम किया जाए। आम आदमी की जरूरत की चीजों को टैक्स मुक्त कर देना चाहिए, ताकि यह चीजें आसानी से आम आदमी की पहुंच में हो जाए।
दुकानदार नितिन गुलियानी का कहना है कि छोटी दुकानों और आम आदमी के प्रयोग की चीजें भी टैक्स के दायरे में है, इससे राहत मिलनी चाहिए। यह आम आदमी से जुड़ा मामला है।

गीता का कहना है कि महंगाई सबसे बड़ी समस्या है। महिलाओं को इससे सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। रसोई के सामान सस्ते किए जाने की जरूरत है।
रूचि जैन का कहना है कि रसोई के खाने-पीने के सामान के अलावा बच्चों के सामान सस्ते किए जाने चाहिए। क्योंकि इससे आम आदमी भी सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।
सुमन चौहान का कहना है कि सौंदर्य प्रसाधन पर टैक्स की दरों में छूट मिलनी चाहिए। महिलाएं जिन सौंदर्य प्रसाधन का इस्तेमाल करती है, टैक्स की वजह से वह बेहद महंगे हैं, छूट मिलनी चाहिए।
श्वेता वर्मा का कहना है कि सभी वर्गों की महिलाओं का बजट में ध्यान रखा जाना चाहिए। नौकरीपेशा महिलाओं के लिए जरूर कुछ प्रावधान किए जाए, इस वर्ग की उपेक्षा होती है।

डौलचा के किसान नरेश कुमार का कहना है कि किसान को बिजली बिलों में छूट मिलनी चाहिए। इसके अलावा ऋणमाफी का दायरा भी बढ़ाया जाना चाहिए।
किसान उदयवीर सिंह का कहना है कि किसान उपकरणों पर जितने टैक्स हैं, सब खत्म कर दिए जाने चाहिए। वर्तमान में खेती करना मुश्किल हो गया है। सरकार को ध्यान देना चाहिए।
किसान जगपाल सिंह का कहना है कि टैक्स के चलते खेती के उपकरण महंगे हो गए हैं। इससे व्यापारी और किसान दोनों ही परेशान हैं। किसानों को छूट मिलनी चाहिए।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश कुशवाह का कहना है कि सरकार को किसानों के लिए ऋण का दायरा बढ़ाना चाहिए। बजट आमजन और किसानों के हित में होना चाहिए।

रोहित कुमार का कहना है कि युवाओं का बजट में सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाना चाहिए। रोजगार के नए विकल्प खोले जाने चाहिए, ताकि युवाओं को किसी तरह की दिक्कत न हो।
अभिषेक अत्री का कहना है कि नौकरीपेशा और युवाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। दोनों वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। उम्मीद है कि बजट में युवाओं पर राहत बरसेगी।
रवि चौधरी का कहना है कि रोजगार के अवसरों का सबसे ज्यादा प्रावधान किया जाना चाहिए। इससे युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा। बजट से राहत की उम्मीद है।
अनुराग मित्तल का कहना है कि अंतरिम बजट ऐसा होना चाहिए, जिससे प्रत्येक वर्ग को राहत मिले। आम आदमी के हितों का ख्याल रखते हुए इस बजट को पेश किया जाना चाहिए।
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