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चर्चित हितेंद्र हत्याकांड में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास

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बागपत। शहर के चर्चित हितेंद्र हत्याकांड में दो अभियुक्तों आजीवन कारावास की सजा एवं पचास-पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। द्वितीय एडीजे एससी/एसटी रमेशचंद दिवाकर की कोर्ट में सुजा सुनाई। साढ़े चार साल पहले जमीन विवाद में गोलियों से भूनकर हितेंद्र की हत्या की।
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एडीजीसी चश्मवीर सिंह और अभियोजन के अधिवक्ता जयवीर सिंह ने बताया 17 जनवरी 2014 को मोहल्ला देशराज बागपत निवासी लक्ष्मीचंद पुत्र हरि राम, उसका बेटा हितेंद्र व पुत्रवधू अंजना घर में बैठे थे। महीपाल उर्फ गोटी पुत्र फत्ते सिंह महाशय, प्रदीप उर्फ पप्पू पुत्र खजान सिंह निवासी सिसाना व छोटे लाला शर्मा पुत्र खचेडू निवासी काठा से जमीन को लेकर उनकी रंजिश चल रही थी। तीनों शाम पांच बजे के लगभग उनके घर पर आए और फैसला करने की बात कह उन्हें अपने साथ सिसाना गांव जाने को कहने लगे। हितेंद्र अपने पिता और पत्नी को साथ लेकर उनके साथ सिसाना गांव के लिए चल दिए। जब वे शहर में सुभाष गेट पर पहुंचे तो वहां पर स्कार्पियो गाड़ी लेकर खड़े अजेंद्र पुत्र जबर सिंह निवासी सरधना और एक अज्ञात युवक उन्हें मिले। यहां पर पांचों का हितेंद्र से विवाद हो गया। आरोपियों ने हितेंद्र और उसके परिजनों पर गोलियां बरसा दी थी। हितेंद्र की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई । जबकि पिता और पत्नी ने भागकर जान बचाई । यह मामला काफी चर्चाओं में रहा था। पिता लक्ष्मीचंद ने चार को नामजद और अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई ।
पुलिस ने महिपाल उर्फ गोटी और प्रदीप उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस जांच में मिंटू चौहान निवासी बागपत का नाम प्रकाश में आया । पुलिस ने उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया। इस मामले की जांच सीबीसीआईडी द्वारा कराई गई। जांच में सीबीसीआईडी ने अजेंद्र व मिंटू चौहान को क्लीन चिट दे दी । अब तीन अभियुक्त शेष रह गए थे। यह मामला द्वितीय एडीजे एससी/एसटी रमेशचंद दिवाकर की कोर्ट में चल रहा था। अभियोजन पक्ष की तरफ से आठ गवाह पेश किए। कोर्ट में महिपाल उर्फ गोटी और प्रदीप उर्प पप्पू पर दोष सिद्ध हो गया । शनिवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई हुई। दोनों अभियुक्तों को आजीवन सश्रम कारावास एवं 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माने की धनराशि न देने पर दो-दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मामले के तीसरे आरोपी छोटे लाल शर्मा ने हाईकोर्ट से स्टे लिया हुआ है। उसका मुकदमा दूसरी कोर्ट में चल रहा है।
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