बड़ौत (बागपत)।
विद्युत निगम की लखनऊ और मेरठ की टीम ने मंगलवार को दिल्ली रोड स्थित सीटीआर वर्कशाप का निरीक्षण किया। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। हालांकि निरीक्षण के दौरान सीटीआर में कोई खामियां नहीं मिली। विभागीय अफसरों ने गर्मी सीजन को देख प्राथमिकता के आधार पर कर्मचारियों को बिना सुविधा शुल्क लिए 48 घंटे में विद्युत ट्रांसफार्मर बदलने के निर्देश दिएं। साथ ही लापरवाही और शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभाव से हटाने की चेतावनी दी।
विद्युत निगम के एमडी अभिषेक मिश्रा के निर्देश पर मंगलवार को पावर कारपोरेशन की टीम लखनऊ से केके कनोजिया, एसई सीटीआर राजेश सिंह और अधिशासी अभियंता वर्कशाप संजय मित्तल के संयुक्त नेतृत्व मेें दिल्ली रोड स्थित सीटीआर वर्कशाप का निरीक्षण करने पहुंची तो विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने सीटीआर पर रखा शिकायती रजिस्ट्रर, फूंके ट्रांसफार्मर आने और फूंके ट्रांसफार्मर के बदले नया ट्रांसफार्मर देने के लिए बनाएं आउट और एंट्री रजिस्ट्रर की जांच की। इसमेें सब कुछ ठीक पाया। इसके बाद टीम ने सीटीआर वर्कशाप में साफ-सफाई व्यवस्था, ट्रांसफार्मर बनाने आदि की जांच की। एई सीटीआर प्रवेश और अवर अभियंता आलम ने बताया वर्ष अप्रैल माह तक 129 ट्रांसफार्मर फूंके थे, जबकि इस साल केवल 90 ट्रांसफार्मर फूंके।
एसई सीटीआर राजेश सिंह ने कर्मचारियों को दो टूक चेतावनी दी कि ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर किसानों से अवैध वसूली बर्दास्त नहीं होगी। प्राथमिकता के आधार पर ही किसानों को 48 घंटे में ट्रांसफार्मर दिएं जाए। विलंब और सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई होगी। इसमें ट्रांसमिशन अधिशासी अभियंता पूर्ण चंद, संजय, आलम, एसडीओ प्रवेश गिरी शामिल रहे।
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