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बलवे के सात आरोपियों पर 1400-1400 का जुर्माना

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बागपत। खट्टा प्रह्लादपुर गांव के युवक की साढ़े 18 साल पहले हुई हत्या के बाद बवाल हुआ था। इस दौरान लोगों ने जाम लगाकर वाहनों में तोड़फोड़ की थी। यह मामला सीजेएम कोर्ट में विचाराधीन था। अदालत ने केस की सुनवाई कर बुधवार को नामजद सात आरोपियों पर 1400-1400 रुपये का जुर्माना लगाकर केस खत्म कर दिया। सलावतपुर के पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह समेत दो आरोपियों का केस विचाराधीन है।
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खट्टा प्रह्लादपुर गांव में 12 जुलाई 1999 में युवक कंवर पाल की हत्या की। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगा बागपत-मेरठ मार्ग पर मीतली गांव के पास लोगों ने जाम लगाया । इस दौरान वाहनों में भी तोड़फोड़ की । इस संबंध में पुलिस की तरफ से 10 लोगों को नामजद कर 70-80 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया । बचाव पक्ष के अधिवक्ता नरेंद्र पंवार बली का कहना है कि मामला सीजेएम मुकेश कुमार की कोर्ट में विचाराधीन है। नामजद सात आरोपी डॉ. गजराज, राजेंद्र, संजय, तुहीराम निवासी खट्टा प्रह्लादपुर, महिपाल, मित्र सैन और वीरेंद्र निवासी मीतली के केस की सुनवाई की। अधिवक्ता के मुताबिक पुलिस आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं कर पाई। कोर्ट ने केस के सातों आरोपियों पर 1400-1400 रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने पर 14 दिन का कारावास भुगतना होगा।

सलावतपुर के पूर्व प्रधान राजेंद्र बच रहा था केस से
बागपत। अधिवक्ता नरेंद्र पंवार ने कहा सलावतपुर गांव का पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह के पिता का नाम भगवान है जबकि पुलिस ने आरोप पत्र में भगवान सहाय दर्शाकर भेजा । इस कारण आरोपी राजेंद्र पुलिस को केस का आरोपी न बताते हुए लौटा देते थे। कोर्ट के आदेश पर अब पुलिस ने जांच की तो पता चला ही यहीं आरोपी राजेंद्र है, इसलिए कोर्ट ने उसके केस पर सुनवाई नहीं की। इसके अलावा खट्टा प्रह्लादपुर गांव का संजय फरार चल रहा है। उसके केस पर भी सुनवाई नहीं हुई। वहीं एक आरोपी बुद्धूू की केस के विचारण के दौरान मौत हो चुकी है।
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जोंगेंद्र बली हुआ केस में दोषमुक्त
बागपत। कोतवाली पुलिस ने बागपत रोड स्टेशन के पास से 8 जून 2000 को जोगेंद्र निवासी बली को गिरफ्तार किया । उसके पास से तमंचा बरामद होने का दावा कर जेल भेजा। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। अधिवक्ता नरेंद्र पंवार का कहना है कि पुलिस जोगेंद्र के खिलाफ आरोपी सिद्ध नहीं कर पाई। इस कारण सीजेएम कोर्ट ने केस की सुनवाई कर आरोपी जोगेंद्र को दोषमुक्त कर दिया है।
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