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प्राथमिक विद्यालयों में चलेगी किसानों की पाठशाला

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बागपत। जिले में पांच दिसंबर से 46 न्याय पंचायतों में किसानों की पाठशाला का आयोजन होगा। इसमें फसल उत्पादन, जैविक खाद का प्रयोग और कृषकों की आय बढ़ाने की जानकारी दी जाएगी। दो चरणों में पाठशाला का आयोजन होगा। इसके लिए पंजीकृत किसानों को जानकारी दे दी है। विशेषज्ञ अलग-अलग दिन फसलों के बारे में बताएंगे।
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प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की कक्षाओं के बाद किसानों की पाठशाला चलेगी। इसमें फसल उत्पादन और जैविक खाद से होने वाले फायदों की जानकारी दी जाएगी। जमीन की उर्वरा शक्ति बनाने और उन्नत बीज के बारे में बताएंगे। पाठशाला में मत्स्य और पशु पालन से कृषकों की आय को दोगुना करने का प्रयास होगा। इसके लिए 46 न्याय पंचायतों के उन गांवों का चयन किया जाएगा जो फसल उत्पादन में पिछड़े हैं। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया पहले चरण में निवादा, फैज्जलापुर, गौरीपुर हबीबपुर, बिचपड़ी, क्यामपुर, निनाना, दौझा, बसौद, खिंदौड़ा, बुढ़सैनी, हरिया खेड़ा, दौलतपुर, मेवला, पांची, कहरका, बंदपुर, सुभानपुर, खैला, घिटौरा, डगरपुर, गौना, फुलैरा, बड़ावद, जलालपुर, बरवाला, कोताना, औसिक्का, जिवानी, अशरफाबाद थल, गूंगा खेड़ी, औढ़ापुर, तिलवाड़ा, नांगल, मुकंदपुर, तुगाना, बदरखा, शेखपुरा, बरनावा, खपराना, कांहड़, सूजती, गढ़ी कांगरान, धनौरा टीकरी, माखर, गल्हैता, सिरसली की प्राथमिक विद्यालयों में पाठशाला का आयोजन होगा। दूसरे चरण के लिए अलग गांवों की पाठशाला के लिए चयन किया। इसके लिए रिसोर्स पर्सन की तैनाती कर दी। मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी दें दी गई है।

पांचों दिन अलग-अलग दी जाएगी जानकारी
उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि पांच दिवसीय पाठशाला हर दिन अलग-अलग जानकारियां दी जाएगी। पहले दिन फसल चक्र, रबी की प्रमुख फसलें, बीजों का अनुदान, मृदा स्वास्थ्य सुधार, हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं टिकाऊ खेती, जैविक खेती। दूसरे दिन कृषि निवेश, उर्वरक, कीटनाशक का महत्व, कृषि यंत्रीकरण, सोलर पंप, ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई, जल प्रबंधक, उन्नत पशु पालन और दुग्ध उत्पादन, मत्स्यपालन, कुक्कुड पालन, शूकर पालन की जानकारी, तीसरे दिन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, रूपे कार्ड, मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना। चौथे दिन औद्योगिक फसलों का महत्व, उद्यान विभाग की और शासकीय सुविधाएं, कृषि वानिकी, पोस्ट आर्वेस्ट तकनीकी, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और विपणन एवं किसानों की आय दोगुना करने की रणनीति और ई बाजार। पांचवें दिन कृषि रक्षा का महत्व, एकीकृतनाशी जीव प्रबंधन, कृषि लागत घटाने के उपाय, शासकीय अनुदानों की डीबीटी प्रक्रिया एवं कृषक विचार विमर्श, पारदर्शी किसान सेवा येाजना।
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