बागपत। रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने की खरीद शुरू नहीं किए जाने पर रालोद ने डीसीओ कार्यालय में हंगामा किया। छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने कहा कि किसान का शोषण किया जा रहा है। गन्ना नहीं खरीदा गया तो गेहूं की बुआई कैसे होगी। सरकार को किसान की कोई चिंता नहीं है। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। डीसीओ ने कहा कि हर संभव समाधान कराया जाएगा।
सोमवार को रालोद कार्यकर्ता जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में एकत्र हुए। चीनी मिलों की ओर से रिजेक्ट गन्ना नहीं खरीदे जाने पर नाराजगी जाहिर की । रालोद के छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने कहा क्षेत्र में किसानों का चारों तरफ से शोषण किया जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार को किसान की कोई चिंता नहीं है। चुनाव में वायदे तो बहुत किए, लेकिन इन्हेें पूरा करने के लिए कोई काम नहीं किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौधरी चरण सिंह आयोग बनाने का वायदा किया, अब भूल गए हैं। कर्ज माफी में भी पक्षपात किया है। मलकपुर मिल पर करोड़ों रुपये बकाया है। कर्मचारी वेतन के बिना और व्यापारी अपने सामान की रुपये के बिना नहीं रह सकते है तो किसानों का भुगतान क्यों किया जा रहा है। रिजेक्ट गन्ने की प्रजाति मिल नहीं लें जिससे इससे दिक्कतें हो रही है। खेतों में गन्ना खड़ा है, जिस कारण गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे है। गलत पर्चियों का आवंटन किया जा रहा है। मृत्यु आश्रित बांड को समाप्त किया जाए। धरने के बीच डीसीओ सुशील कुमार पहुंचे। उन्होंने सभी मांगों को जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता साहब सिंह ने भी किसान को इंसाफ दिए जाने की बात कही। इसमें जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रदीप सिंह, पूर्व विधायक महक सिंह, डायरेक्टर विनोद खेड़ा, डायरेक्टर राममेहर, वीरेंद्र राणा, किरण पाल, इंद्रपाल, रामपाल प्रधान, जसवीर, हरेंद्र, नीरज पंडित, ओमवीर सिंह तोमर, अमित, यादराम, महेंद्र त्यागी, जगत सिंह, सुखबीर सिंह और कृष्ण त्यागी मौजूद रहे।