चांदीनगर (बागपत)। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से डगरपुर गांव की गलियों में जलभराव हो गया है। जौहड़ पानी से भर गया है और इसके आसपास के घरों में पानी पहुंच गया है। पूर्वी यमुना नहर की पटरी टूटी होने के कारण नहर का पानी भी अब इसी जौहड़ में पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने कहा शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इससे गांव में बीमारियां फैलने का खतरा है।
डगरपुर विनयपुर गांव के लोग पिछले करीब 15 दिन से जलभराव से मुश्किलें झेल रहे हैं। पूर्वी यमुना नहर की पटरी टूट जाने से इन दोनों गांव के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई। चारे की फसल तबाह हो जाने से पशुपालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। डगरपुर गांव का पानी गांव के जौहड़ में जाता है, लेकिन जल निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी लोगों के घरों में घुस गया है। बरसात के कारण जौहड़ लबालब है और पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। नहर की पटरी टूटी होने के कारण मुसीबत और अधिक बढ़ गई है। ग्रामीणों ने कहा जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कई बार प्रशासन से मांग कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब घरों में पानी भर जाने से बीमारियां फैलने का खतरा है। शिकायत करने के बाद भी सिंचाई विभाग के अफसर नहीं पहुंच रहे हैं। खेकड़ा एसडीएम को भी इसकी जानकारी दी। किसानों की पीड़ा को कोई सुनने को तैयार नहीं है।
ग्रामीण अमित, अजय बंसल, अरुण, प्रतियुश बंसल, रामबीर, हरिओम, संजय, प्रदीप ने कहा बर्बाद फसलों का मुआवजा और शीघ्र नहर की पटरी नहीं सही कराई तो इसके विरोध में कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन होगा। ग्रामीण रविंद्र कुमार ने कहा पिछले 15 दिन से गांव में समस्या बनी हुई है, लेकिन किसी का ध्यान नहीं है। भरत सिंह ने कहा ब्लाक से लेकर जिला प्रशासन स्तर तक के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। अनिल कौशिक ने कहा गांव में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन को समाधान करना चाहिए। विनयपुर के हरिओम ने कहा सिंचाई विभाग की अनदेखी से नहर की पटरी टूटती है, जिससे किसान परेशान हैं। खेकड़ा ब्लाक प्रमुख जितेंद्र धामा ने कहा ब्लाक स्तर से जलनिकासी के लिए जो भी संभव सहयोग होगा कराया जाएगा। प्रशासन को भी मामले से अवगत कराया जाएगा। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता डीके त्यागी ने बताया सफाई के कारण किसानों ने रजवाहे बंद कर दिए हैं। इस कारण नहर की पट्टी टूट रही है।