बड़ौत। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के डाटा में इतना गड़बड़झाला है कि सत्यापन करने में कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के पसीने छूट रहे हैं। सबसे ज्यादा गड़बड़ी पात्रों के पते में है। इसके अलावा आधार सहित अन्य सूचनाएं भी त्रुटिपूर्ण ढंग से दर्ज की गई है। अब तक लगभग 400 से अधिक अपात्र मिल चुके हैं।
जिले में 1.05 लाख किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा रहे हैं। निधि का लाभ अपात्रों को मिलने की शिकायत पर शासन ने लाभार्थियों के सत्यापन का निर्देश दिया था। जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 के 15 फीसद और 20021-22 के 10 फीसद लाभार्थियों का सत्यापन चल रहा है। हालांकि, विभागीय पोर्टल पर अपलोड डाटा में तमाम त्रुटियां हैं। लाभार्थियों का वास्तविक पता कहीं और का है, जबकि पोर्टल में अंकित पता दूसरा है। कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी जब अंकित पते पर पहुंच रहे तो उस स्थान पर संबंधित व्यक्ति नहीं मिल रहा। राजस्व विभाग से संपर्क कर किसी तरह लाभार्थियों का सही पता लेने के बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही। कई अपात्रों का तो अता-पता ही नहीं मिल रहा। इससे कर्मचारी परेशान हैं। जिले में काफी संख्या में अपात्र मिलने की संभावना है। अब तक लगभग 400 से अधिक अपात्र मिल चुके हैं।
लाभार्थियों की डिटेल में मिल रही गड़बड़ी
राजकीय बीज भंडार पर तैनात एडीओ कृषि रक्षा नरेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों का सत्यापन कराकर अपात्रों को चिह्नित किया जा रहा है। हालांकि पोर्टल पर लाभार्थियों की डिटेल में तमाम गड़बड़ी है। ऐसे कई लोग मिल चुके हैं, जिनका पता गलत अंकित है। इससे परेशानी हो रही है। हालांकि एक-दो दिनों में सत्यापन पूरा हो जाएगा। अब तक 400 के आसपास अपात्र मिल चुके हैं।